नईदिल्ली (28 जनवरी 26)। संसद के बजट सत्र में कांग्रेस केंद्र सरकार को कई अहम मुद्दों पर घेरने की पूरी तैयारी में है। पार्टी मनरेगा, चुनाव आयोग द्वारा कराए जा रहे एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन), गिरते रुपये, विदेश नीति और पर्यावरण जैसे मुद्दों को जोर-शोर से उठाएगी। इस रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास पर पार्टी के रणनीतिक समूह की बैठक हुई। बैठक के बाद राज्यसभा सांसद नासिर हुसैन ने मीडिया को इसकी जानकारी दी। नासिर हुसैन ने बताया कि बजट सत्र के पहले चरण में कांग्रेस का सबसे बड़ा मुद्दा मनरेगा रहेगा। पार्टी का आरोप है कि मनरेगा के जरिए गरीबों को मिलने वाले रोजगार और अधिकारों को कमजोर किया जा रहा है। इसके साथ ही कांग्रेस चुनाव आयोग द्वारा कराए जा रहे एसआईआर को भी बड़ा मुद्दा बनाएगी। पार्टी का कहना है कि इस प्रक्रिया के कारण देश के कई हिस्सों में लोगों को परेशानी हो रही है और कई मतदाताओं के वोट के अधिकार पर खतरा मंडरा रहा है।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि पार्टी अरावली पहाड़ियों से जुड़े पर्यावरणीय मुद्दे, इंदौर में दूषित पेयजल से हुई मौतों, विदेश नीति, ट्रंप टैरिफ और डॉलर के मुकाबले लगातार गिरते रुपये जैसे विषयों को भी संसद में मजबूती से उठाएगी। बैठक में मौजूद एक कांग्रेस सांसद के मुताबिक, सोनिया गांधी ने साफ कहा कि सत्ताधारी दल संसद में गंभीर मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए इधर-उधर के विषय उठा सकता है, लेकिन कांग्रेस को गरीबों और आम जनता से जुड़े असली मुद्दों पर ही फोकस बनाए रखना है। सूत्रों के मुताबिक, लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने बैठक में कहा कि पिछले सत्र में मनरेगा की जगह लेने वाला नया कानून (वीबी जीरामजी) पास हो चुका है और एसआईआर पर चुनाव सुधार के तहत चर्चा भी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि भले ही सरकार इन मुद्दों पर दोबारा चर्चा के लिए तैयार न हो, लेकिन राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान इन मुद्दों को उठाया जाएगा। कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि 2 फरवरी से धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा शुरू होगी और इसमें राहुल गांधी खुद भाग लेकर मोदी सरकार को घेरेंगे।