रांची (18 जुलाई 24)। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राज्य में तेजी से बढ़ रही मुस्लिम आबादी के कारण हो रहे जनसांख्यिकीय परिवर्तनों को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा, बदलती जनसांख्यिकी मेरे लिए एक गंभीर मुद्दा है। असम में 1951 में मुस्लिम आबादी 12 प्रतिशत थी जो आज बढ़कर 40 प्रतिशत हो गई है, जो कि चिंता का विषय है। झारखंड की राजधानी रांची में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने ये बात कही हमने कई जिलों से अपना नियंत्रण खो दिया है इसे सिर्फ राजनीतिक मुद्दा नहीं कहा जा सकता ये मेरे लिए जीवन मरण का मामला है। बता दें कि हिमंता को बीजेपी ने झारखंड चुनाव के लिए सह-प्रभारी बनाया है।
सरमा ने घुसपैठ का मुद्दा उठाते हुए कहा कि घुसपैठिए झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ने से पहले शुरू में असम और पश्चिम बंगाल में प्रवेश करते हैं। उन्होंने झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा राज्य सरकारों को दिए गए हवाला का जिक्र करते हुए कहा कि झारखंड उच्च न्यायालय ने अवैध अप्रवासियों का पता लगाने और उन्हें निर्वासित करने का आदेश दिया गया था। हिमंत बिस्वा सरमा ने इस बात पर भी जोर दिया कि घुसपैठियों पर लगाम लगाना केंद्र नही बल्कि राज्य सरकारों की जिम्मेंदारी है सरमा ने कहा मैं इस तरह के मुद्दे रोजाना संभालता हूं। अगर अन्य राज्य की सरकारें ऐसा नही कर रही और दिल्ली से हस्तक्षेप की उम्मीद करती है तो उन्हें हट जाना चाहिए हम यह जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार है। 1 जुलाई को भी बिस्वा सरमा ने किसी समुदाय का नाम लिए बिना कहा था एक 'विशेष धर्म' के लोगों के एक वर्ग द्वारा आपराधिक गतिविधियां चिंता का विषय हैं।