कर्नूल (24 अक्टूबर 25)। शुक्रवार तड़के हैदराबाद-बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक निजी ट्रैवल्स की बस भीषण आग की लपटों में घिर गई, जिससे सफर का सन्नाटा चीखों में बदल गया। हादसा कर्नूल जिले के चिन्नाटेकुर गांव के पास हुआ, जहां बस एक बाइक से टकरा गई और चिंगारी ने देखते ही देखते पूरी बस को राख में बदल दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर के कुछ ही सेकंड बाद बस में धमाका हुआ और आग तेजी से फैल गई। करीब 40 यात्रियों में से कई लोग इमरजेंसी एग्जिट से बाहर कूदकर अपनी जान बचाने में कामयाब हुए, लेकिन 22 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। कई गंभीर रूप से झुलसे यात्रियों को कर्नूल सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थानीय लोगों और पुलिस ने मिलकर राहत कार्य शुरू किया। फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हादसे के चलते हाईवे पर लंबा जाम लग गया और ट्रैफिक कई घंटों तक रुका रहा। कर्नूल के एसपी ने बताया कि दुर्घटना सुबह लगभग 3:30 बजे हुई थी। उन्होंने जानकारी दी, 'बस में लगभग 40 यात्री थे, जिनमें से 18 लोग सुरक्षित हैं। अब तक 11 शव बरामद किए जा चुके है।' यह हादसा न सिर्फ यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल उठाता है बल्कि निजी बस ऑपरेटरों की मेंटेनेंस और इमरजेंसी प्रोटोकॉल पर भी गंभीर चिंताएँ खड़ी करता है।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने सोशल मीडिया पर शोक जताते हुए कहा, 'चिन्नाटेकुर के पास हुई इस त्रासदी से मैं गहरा दुखी हूं। जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी संवेदनाएँ हैं। सरकार पीड़ितों को हर संभव सहायता प्रदान करेगी।' पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआरसीपी प्रमुख वाई.एस. जगनमोहन रेड्डी ने भी हादसे को 'दिल दहला देने वाला' बताया और सरकार से घायलों के लिए बेहतर इलाज और सहायता की मांग की। हादसे की तस्वीरें और वीडियो कुछ ही घंटों में सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। आग की लपटों में घिरी बस का दृश्य इतना भयावह था कि देखने वालों की रूह कांप उठी। पूरे आंध्र प्रदेश में इस हादसे को लेकर शोक और गुस्से का माहौल है।