कोलकाता (03 जनवरी 25)। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीएसएफ (BORDER SECURITY FORCE) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि बीएसएफ बांग्लादेशी घुसपैठियों और गुंडों को भारत में प्रवेश की अनुमति दे रही है, जिससे राज्य में अशांति फैल रही है। ममता ने कहा कि केंद्र सरकार का यही उद्देश्य है, और बीएसएफ इस्लामपुर, सीताई और चोपड़ा बॉर्डर से बांग्लादेशी गुंडों को घुसपैठ करा रही है।
ममता ने कहा कि बीएसएफ द्वारा महिलाओं के साथ अत्याचार भी किए जा रहे हैं, और यह बीएसएफ का काम है कि वह सीमा पर निगरानी रखें, न कि राज्य सरकार का। उन्होंने जिलाधिकारियों से यह सवाल भी किया कि यदि बीएसएफ द्वारा महिलाओं के साथ गलत किया जा रहा है तो उन्होंने विरोध क्यों नहीं किया। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से पत्र भेजने का भी इरादा व्यक्त किया और कहा कि वह बीएसएफ के कार्यों के खिलाफ आवाज उठाएंगी। ममता बनर्जी ने कहा कि बीएसएफ का काम है अवैध घुसपैठ रोकना, लेकिन इसके बजाय यह बांग्लादेशी घुसपैठियों को भारतीय सीमा में प्रवेश देने में मदद कर रही है। ममता के आरोपों पर बीएसएफ और केंद्र सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए ममता ने कहा कि अगर बीएसएफ ने अपनी कार्रवाई में सुधार नहीं किया, तो तृणमूल कांग्रेस इसके खिलाफ प्रदर्शन करेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि बांग्लादेशी घुसपैठ को बढ़ावा देने के पीछे केंद्र सरकार का एजेंडा हो सकता है। वहीं, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने ममता के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल बांग्लादेशी घुसपैठियों के लिए एक नर्सरी बन चुका है और राज्य सरकार ने बांग्लादेशी घुसपैठियों के लिए लाल कालीन बिछाई है। भाजपा नेता अनिर्बान गांगुली ने भी ममता के खिलाफ कहा कि वह ही एकमात्र नेता हैं जिन्होंने बीएसएफ की आलोचना की और उससे दुर्व्यवहार किया।