ढाका (11 अगस्त 24)। पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश में शेख हसीना के इस्तीफा देने के बाद और देश छोड़ने के बाद हिंदुओं पर हिंसा लगातार बढ़ गई है। बांग्लादेश में अंतरिम सरकार का गठन हो चुका है। लेकिन अभी भी हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। राजधानी ढाका की सड़कों से पुलिस गायब है और सेना ने पूरी तरह मोर्चा संभाल रखा है। बांग्लादेश में हिंदू समुदाय मंदिरों पर हमलों के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहा है। देशभर में शनिवार को हिंदुओं के खिलाफ हिंसा के विरोध में हिंदू समुदाय ने मार्च किया।
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि यह सभी का है, इस पर किसी एक समुदाय का अधिकार नहीं है। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने हिंदुओं की सुरक्षा के लिए कदम उठाने की मांग की। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने जमकर नारेबाजी भी की। लोगों ने कहा- 'यह देश किसी के बाप का नहीं है, इसके लिए हमने खून दिया है, जरूरत पड़ी तो फिर से खून देंगे। बांग्लादेश नहीं छोड़ेंगे।' उन्होंने हिंदुओं पर हो रही हिंसा के दौरान मूकदर्शक बने रहने को लेकर सिविल सोसाइटी के सदस्यों पर नाराजगी जताई। इस प्रदर्शन में भाग लेने वाले कनु कुमार के हवाले से बताया कि बांग्लादेश के हिंदू अपने घरों और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा चाहते हैं।प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सरकार उन लोगों को मुआवजा दे जिन्होंने अपनी संपत्ति खो दी है और जिन मंदिरों को तोड़ दिया गया है उनका पुनर्निर्माण किया जाए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे देश छोड़ने वाले नहीं हैं, अपना अधिकार पाने के लिए सड़कों पर रहेंगे। उन्होंने जमात-ए-इस्लामी, बीएनपी और हिंदुओं पर हमले की निंदा करने वालों को धन्यवाद दिया।