ढाका (20 दिसंबर 25)। बांग्लादेश में छात्र नेता और इनकिलाब मंच के संयोजक एवं प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद देश के हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। शनिवार को ढाका के माणिक मिया एवेन्यू स्थित जातीय संसद भवन के साउथ प्लाजा में उनकी नमाज-ए-जनाजा अदा की गई, जिसमें हजारों लोग शामिल हुए। सुबह से ही लोग छोटे-छोटे समूहों में संसद भवन के सामने जुटने लगे थे। जनाजे के दौरान न्याय की मांग को लेकर नारे लगाए गए और कई लोग राष्ट्रीय ध्वज ओढ़े नजर आए। परिवार की इच्छा के अनुसार हादी को ढाका यूनिवर्सिटी परिसर में राष्ट्रीय कवि काजी नजरुल इस्लाम की कब्र के पास दफन किया गया।
जनाजे से पहले राजधानी में कड़ी सुरक्षा की गई थी। संसद भवन और आसपास के इलाकों में पुलिस, बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की भारी तैनाती रही। दो दिनों तक चले हिंसक प्रदर्शनों के बाद शनिवार को ढाका में हालात अपेक्षाकृत शांत देखे गए। हादी की मौत पर देशभर में राजकीय शोक मनाया गया। राष्ट्रीय ध्वज आधे झुके रहे और विभिन्न धार्मिक स्थलों पर विशेष प्रार्थनाएं की गईं। शरीफ उस्मान हादी को 12 दिसंबर को ढाका के बिजयनगर इलाके में रिक्शा से जाते समय गोली मारी गई थी। पहले उन्हें ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल और फिर एवरेकेयर अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर 15 दिसंबर को एयर एंबुलेंस से सिंगापुर ले जाया गया, जहां 18 दिसंबर की रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। शुक्रवार को उनका पार्थिव शरीर ढाका लाया गया था। हादी की मौत के बाद बांग्लादेश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन, आगजनी और हिंसा की घटनाएं सामने आईं। मीडिया संस्थानों, सरकारी प्रतिष्ठानों और राजनीतिक नेताओं के घरों को निशाना बनाया गया।