मुंबई (19 अगस्त 24)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रविवार को दावा किया कि शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे को दरकिनार कर दिया। उन्होंने कहा कि शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे कभी नहीं चाहते थे कि राज ठाकरे पार्टी छोड़ें। एक विशेष साक्षात्कार में सीएम शिंदे ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे की प्रशंसा की।
उन्होंने कहा, 'कभी-कभी मैं अपने भाषण में कहता हूं कि जब उद्धव जी ने कहा कि लाडली बहन आई है, तो लाडला भाई कब आएंगे? इसलिए मैं लाडला भाई को भी युवा प्रशिक्षण के लिए लाया था। लेकिन मैं उनसे कहता हूं कि जब राज ठाकरे जी उनके साथ थे, तो राज ठाकरे जी को छोड़ने का क्या कारण था? राज ठाकरे जी बालासाहेब के साथ काम करते थे। 1995 के चुनाव की सभी बैठकों में राज ठाकरे शामिल होते थे। वे उनके बगल में थे। लेकिन जब राज ठाकरे को जिम्मेदारी देने की बारी आई तो उद्धव जी की मंशा जागृत होगी।'
उन्होंने कहा कि राज ठाकरे पार्टी से निकाले जाने के बाद भी शिवसेना को मजबूत करने के लिए तत्पर थे। उन्होंने कहा, 'जैसे वह अभी-अभी मुख्यमंत्री बने थे और राज ठाकरे को किनारे कर दिया था। उनके मुंह से बुलवाया और स्थापित किया कि उद्धवजी का कार्याध्यक्ष बनाया और उनको हटा दिया। उन्हें हटाने के बाद भी राज ठाकरे कहते थे, मैं इसकी जिम्मेदारी लूंगा।' शिंदे ने कहा, 'शिवसेना कमजोर है लेकिन... और इसीलिए, राज ठाकरे ने छोड़ दिया। बाबा साहेब ठाकरे की इच्छा नहीं थी कि राज ठाकरे जाएं।' उन्होंने कहा, 'जब पूछा गया कि राज ठाकरे गठबंधन का हिस्सा क्यों नहीं हैं, तो सीएम शिंदे ने कहा, 'वे हमारे साथ हैं।' पिछली लोकसभा में वे हमारे मंच पर आए थे। अगर हम साथ मिलकर नहीं लड़ रहे हैं तो वे हमारे खिलाफ भी नहीं हैं।