Thursday, 08 Oct 2026

बिगड़ते रिश्तों के बीच बांग्लादेश की ‘मैंगो डिप्लोमेसी’

नईदिल्ली (14 जुलाई 25)। भारत-बांग्लादेश के बीच तल्ख होते रिश्तों के बीच बांग्लादेश के अंतरिम प्रशासन प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने एक बार फिर अपनी ‘मैंगो डिप्लोमेसी’ शुरू कर दी है। ढाका की तरफ से भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारतीय राजनयिकों और पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्यमंत्रियों को बांग्लादेश की मशहूर हरिभंगा किस्म के करीब 1000 किलो आम भेजे गए हैं।

भारत-बांग्लादेश के बीच मैंगो डिप्लोमेसी कोई नई बात नहीं है। हरिभंगा आम बांग्लादेश में बेहद लोकप्रिय हैं और इन्हें पहले भी दोनों देशों के अच्छे संबंधों का प्रतीक माना जाता रहा है। पर अब जब दोनों देशों के रिश्तों में खटास है तो इस ‘आम कूटनीति’ के कई नए मायने निकाले जा रहे हैं। पिछले साल शेख हसीना के अपदस्थ होने के बाद दोनों देशों के रिश्तों में खटास आई थी। हसीना को बांग्लादेश छोड़ना पड़ा और वे सीधे भारत आ गई थीं। तब से यूनुस प्रशासन भारत पर हसीना को वापस भेजने का दबाव बना रहा है, लेकिन भारत ने कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया। बिम्सटेक समिट में पीएम मोदी और यूनुस की मुलाकात भी खास नतीजे नहीं दे सकी। बांग्लादेशी अधिकारियों का कहना है कि हरिभंगा आम सद्भावना के तौर पर भेजे गए हैं। लेकिन जानकार इसे कूटनीतिक संदेश भी मान रहे हैं ताकि भारत पर हसीना को सौंपने का दबाव बनाया जा सके। गौरतलब है, बांग्लादेश पहले भारत को हिल्सा मछली भेजकर भी ‘हिल्सा डिप्लोमेसी’ करता रहा है। लेकिन बीते साल तनाव के बीच हिल्सा का निर्यात रोक दिया गया था। बाद में फिर से शुरू हुआ  लेकिन भरोसा पूरी तरह नहीं लौटा।


 

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