भोपाल (02 अप्रैल 25)। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि राज्यों का स्थापना दिवस पर हमारे देश की मूल पहचान और सम्मान को बढ़ाने का संकल्प दिवस है। इसे अपनी विरासत को विश्व के कोने-कोने तक पहुँचाने के संकल्प दिवस के रूप में मनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारे सभी राज्यों ने हमेशा अपनी धरोहर, संस्कृति और परंपराओं के सम्मान के द्वारा राष्ट्रीय गौरव को बढ़ाया है। इस गौरवपूर्ण धरोहर को सहेजने और उसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने का कार्य करना हम सभी का परम दायित्व है। उन्होंने कहा कि राज्यों के स्थापना दिवस देश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों के उत्सव है। भारतीय संस्कृति की विविधता में एकता की धरोहरों के संरक्षण, संकल्प 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' का शानदार प्रदर्शन है। राज्य का स्थापना दिवस को मनाना प्रगति और विकास की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित करने का प्रसंग है।
राज्यपाल पटेल राजभवन के सांदीपनि सभागार में आयोजित बिहार, राजस्थान और ओडिशा के स्थापना दिवसों के संयुक्त समारोह में राज्यों के मूल निवासी मध्यप्रदेश में निवासरत नागरिकों को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव केसी गुप्ता, पोस्ट मास्टर जनरल इंदौर परिक्षेंत्र प्रीति अग्रवाल, निदेशक डाक सेवाएं भरत कुमार डालमिया और राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव मंचासीन थे। इस अवसर पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने सिकल सेल एनीमिया रोग जन जागृति पर डाक विभाग द्वारा जारी विशेष आवरण एवं विरूपण मोहर का अनावरण किया। कार्यक्रम में बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, ओडिशा के राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति का वीडियो संदेश का प्रसारण किया गया और राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे के संदेश का वाचन किया गया।