पटना (12 नवंबर 25)। बिहार से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. शकील अहमद ने मंगलवार को कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना त्यागपत्र कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेजा और लिखा कि यह फैसला उन्होंने “भारी मन से” लिया है।
अपने पत्र में डॉ. अहमद ने कहा- 'मैं कांग्रेस की विचारधारा और सिद्धांतों पर आज भी पूरा विश्वास रखता हूं। मेरे इस्तीफे का मतलब यह नहीं है कि मैं किसी दूसरी पार्टी में शामिल हो रहा हूं। मेरे जीवन का आखिरी वोट भी कांग्रेस को ही जाएगा।' मधुबनी के रहने वाले डॉ. शकील अहमद तीन बार विधायक (1985–90, 1990–95, 2000–04) और दो बार सांसद (1998, 2004) रह चुके हैं। वे 2000 से 2003 तक बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भी रहे। इसके अलावा उन्होंने बिहार सरकार में स्वास्थ्य मंत्री के रूप में भी काम किया था। पार्टी सूत्रों के अनुसार, बिहार कांग्रेस में आंतरिक मतभेद और राज्य नेतृत्व से असंतोष डॉ. अहमद के इस्तीफे की प्रमुख वजह बना। संगठन में लंबे समय से हो रही उपेक्षा से वे नाराज थे। पीटीआई से बातचीत में उन्होंने कहा- 'भारी मन से मैंने कांग्रेस पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा देने का फैसला किया है। लेकिन मैं किसी अन्य पार्टी में शामिल नहीं होऊंगा। मेरे पूर्वजों की तरह, मैं हमेशा कांग्रेस की विचारधारा और सिद्धांतों का समर्थक रहूंगा।' डॉ. शकील अहमद का परिवार तीन पीढ़ियों से कांग्रेस पार्टी से जुड़ा रहा है। उनके दादा अहमद गफूर 1937 में विधायक बने थे, जबकि उनके पिता शकूर अहमद 1952 से 1977 तक पांच बार विधायक रहे।