पटना (14 अप्रैल 26)। बिहार में मंगलवार को एक नए राजनीतिक दौर की शुरुआत होने जा रही है। राज्य के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार ने इस्तीफा दे दिया है। प्रदेश में पहली बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व में सरकार बनने की राह साफ हो गई है। इसके लिए भाजपा और एनडीए ने सम्राट चौधरी को अपना नेता चुन लिया है। वे कल यानी बुधवार को सीएम पद की शपथ लेंगे और उनके साथ दो डिप्टी सीएम को भी शपथ दिलाई जाएगी।
बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा में 89 विधायकों के साथ भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, जिन्हें भाजपा संसदीय बोर्ड ने पर्यवेक्षक नियुक्त किया था ने विधायक दल की बैठक में सम्राट चौधरी के नाम पर मुहर लगवाई। 202 विधायकों वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में जदयू के 85, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के 19 और हिंदुस्तान आवामी मोर्चा के पांच विधायक शामिल हैं। इन दलों का नेतृत्व क्रमशः चिराग पासवान और जीतन राम मांझी करते हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय लोक मोर्चा के पांच विधायक भी गठबंधन का हिस्सा हैं, इस पार्टी के प्रमुख हैं उपेंद्र कुशवाहा। सम्राट चौधरी भाजपा की प्रदेश इकाई के पूर्व अध्यक्ष हैं और फिलहाल गृह विभाग संभाल रहे हैं।