पटना (29 अक्टूबर 25)। राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस के नेतृत्व वाले महागठबंधन ने मंगलवार को 'बिहार का तेजस्वी प्रण' शीर्षक से अपना घोषणापत्र जारी किया। इसमें सरकार बनने के 20 दिनों के भीतर राज्य के हर परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का कानून पारित करने का वादा किया गया है।
घोषणापत्र के अनुसार, 'माई-बहन मान योजना' के तहत, महिलाओं को 1 दिसंबर से अगले पांच वर्षों तक 2,500 रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता मिलेगी। विपक्षी गठबंधन ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू करने का वादा किया। OPS कांग्रेस के एजेंडे में रहा है क्योंकि हिमाचल प्रदेश में सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार ने सत्ता संभालने के तुरंत बाद OPS को बहाल कर दिया था। कांग्रेस ने इसे हरियाणा विधानसभा चुनावों के लिए अपने घोषणापत्र में भी शामिल किया था। महागठबंधन ने किए ये वादे- वक्फ (संशोधन) विधेयक को स्थगित करने और वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को 'कल्याणकारी और पारदर्शी' बनाने का वादा
बोधगया में स्थित बौद्ध मंदिरों का प्रबंधन बौद्ध समुदाय के लोगों को सौंपा जाएगा। पंचायत और नगर निकायों में अति पिछड़े वर्गों के लिए मौजूदा 20 प्रतिशत आरक्षण को बढ़ाकर 30 प्रतिशत किया जाएगा। अनुसूचित जातियों के लिए, घोषणापत्र में कहा गया है कि इस सीमा को 16 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत किया जाएगा और अनुसूचित जनजातियों (एसटी) के लिए आरक्षण में आनुपातिक वृद्धि भी सुनिश्चित की जाएगी। घोषणापत्र के अनुसार, प्रत्येक परिवार को 200 यूनिट मुफ्त बिजली मिलेगी। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सभी फसलों की खरीद की गारंटी दी जाएगी और मंडी व बाज़ार समितियों को पुनर्जीवित किया जाएगा। संभाग, उपखंड और ब्लॉक स्तर पर मंडियां खोली जाएंगी। एपीएमसी अधिनियम को बहाल किया जाएगा। जन स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत प्रत्येक व्यक्ति को 25 लाख रुपये तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा प्रदान किया जाएगा।