बीजापुर (09 फरवरी 25)। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में एक और बड़ी मुठभेड़ हुई, जिसमें सुरक्षा बलों ने 12 माओवादी आतंकियों को ढेर कर दिया वहीं 2 जवान भी शहीद हो गए हैं। इस मुठभेड़ में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), राज्य पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ), जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) और कोबरा बटालियन के जवान शामिल थे। इस ऑपरेशन में मारे गए माओवादियों के शव बरामद किए गए हैं और इलाके में माओवादी संगठन के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। बीजापुर जिले में यह मुठभेड़ एक सप्ताह बाद हुई है, जब 31 जनवरी को सुरक्षा बलों ने एक बड़े ऑपरेशन के दौरान 8 माओवादी मारे थे। उस समय भी माओवादी संगठन के पश्चिम बस्तर संभाग के आतंकवादी सक्रिय थे। इस बार के अभियान में भी सुरक्षा बलों ने माओवादियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की, जिससे इस क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार को शुरू हुए इस ऑपरेशन का उद्देश्य माओवादी आतंकवादियों की छिपने की जगहों का पता लगाना और उनकी नकेल कसना था। विशेष रूप से, इस अभियान का मकसद उन माओवादी समूहों को निशाना बनाना था जो पश्चिम बस्तर के इलाके में सक्रिय थे। इस ऑपरेशन में शामिल सुरक्षा बलों के जवानों ने माओवादियों के खिलाफ विशेष रूप से कार्रवाई की। माओवादी गतिविधियों के खिलाफ केंद्र और राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को देखते हुए यह अभियान और भी महत्वपूर्ण बन जाता है। गृह मंत्री अमित शाह ने 6 जनवरी को बयान दिया था कि केंद्र सरकार का लक्ष्य 2026 तक "नक्सलवाद को समाप्त करना" है, और इस दिशा में हो रही कार्रवाई का यह एक हिस्सा है। बीजापुर में पिछले कुछ महीनों में माओवादियों द्वारा की गई हिंसक घटनाओं के बाद, सुरक्षा बलों ने माओवादियों के खिलाफ अपनी रणनीतियों में और तेजी लाई है। 6 जनवरी को हुए आईईडी विस्फोट में आठ जिला रिजर्व गार्ड जवान और एक चालक की जान चली गई थी। यह हमला बीजापुर जिले के बेदरे-कुटरू रोड पर हुआ था, जहां माओवादियों ने सुरक्षा बलों के वाहन को उड़ा दिया था।