नईदिल्ली (29 जनवरी 25)। राजधानी दिल्ली में बुधवार को भव्य बीटिंग द रिट्रीट सेरेमनी का आयोजन किया गया। विजय चौक पर आयोजित इस ऐतिहासिक समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, और अन्य गणमान्य लोग शामिल हुए। सेना के बैंड्स की पारंपरिक धुनों के साथ इस कार्यक्रम ने गणतंत्र दिवस समारोह के समापन को और भी खास बना दिया।
बीटिंग द रिट्रीट एक ऐतिहासिक सैन्य परंपरा है, जो राजा-महाराजाओं के समय से चली आ रही है। पुराने समय में सेनाएं युद्ध के बाद सूर्यास्त होते ही बैरक में लौटती थीं और इसी दौरान एक विशेष संगीत बजता था, जिसे बीटिंग द रिट्रीट कहा जाता था। आज भी इस परंपरा को जीवंत रखते हुए गणतंत्र दिवस के चौथे दिन इस भव्य आयोजन को किया जाता है, जिसमें राष्ट्रगान के साथ राष्ट्रीय ध्वज को उतारने की रस्म अदा की जाती है।
इस साल के बीटिंग द रिट्रीट समारोह में भारतीय सेना, नौसेना, वायुसेना और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के म्यूजिकल बैंड्स ने भाग लिया। इन बैंड्स ने पूरी तरह स्वदेशी धुनें बजाईं, जिनकी गूंज से विजय चौक देशभक्ति की भावना से सराबोर हो गया। बीटिंग द रिट्रीट सेरेमनी के दौरान विजय चौक और आसपास की ऐतिहासिक इमारतों को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया। रात के समय इस जगमगाते दृश्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
भारत में बीटिंग द रिट्रीट सेरेमनी की शुरुआत साल 1952 में हुई थी, जब महारानी एलिजाबेथ द्वितीय और प्रिंस फिलिप भारत के मेहमान थे। उस समय भारतीय सेना के मेजर रॉबर्ट ने इस आयोजन की रूपरेखा तैयार की थी। तब से हर साल यह परंपरा जारी है और अब यह गणतंत्र दिवस समारोह का औपचारिक समापन बन गई है।