Wednesday, 30 Sep 2026

बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने 41 हजार करोड़ स्वीकृत

भोपाल (02 सितंबर 26)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश के सर्वांगीण विकास और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से लगभग 41 हजार करोड़ रुपये से अधिक के महत्वपूर्ण वित्तीय प्रस्तावों और जनकल्याणकारी निर्णयों को स्वीकृति प्रदान की। राज्य में ग्रामीण विकास के ढांचे को गति देने के लिए 'विकसित भारत: वीबी जी राम जी योजना' के क्रियान्वयन के लिये 29 हजार 619 करोड़ रुपये के वित्तीय प्रस्ताव का अनुसमर्थन किया गया। इसके साथ ही प्रदेश की सड़क कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के लिए पश्चिम भोपाल बायपास 4-लेन निर्माण के लिए 3 हजार 774 करोड़ रुपये और मेहलुआ-बीना-खिमलासा-मालथौन मार्ग के लिए 3 हजार 272 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है, जिससे राज्य में औद्योगिक और सभी तरह के आवागमन को नई ऊर्जा मिलेगी।

उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में क्षेत्रीय संतुलन और गुणवत्ता विस्तार की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) का पुनर्गठन कर भोपाल, उज्जैन और जबलपुर में तीन नए प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इसके अतिरिक्त राज्य के दुग्ध उत्पादकों के आर्थिक सशक्तिकरण और 'सांची' ब्रांड के उन्नयन के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के सहयोग से 2 हजार 973 करोड़ रुपये की डेयरी विकास योजना को मंजूरी दी गई। प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से चिकित्सा उपकरणों और विभागीय परिसंपत्तियों के संधारण के लिए 1,400 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। किसानों के कल्याण को प्राथमिकता देते हुए पंजीकृत कृषकों से ग्रीष्मकालीन मूंग की उपज के उपार्जन सीमा 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने के निर्णय का अनुसमर्थन किया गया। साथ ही नवगठित जिलों मैहर, मऊगंज, पांढुर्णा और निवाड़ी में प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए सामाजिक न्याय और आयुष विभागों में नए पदों के सृजन को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।

मंत्रि-परिषद ने 'विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिये गारंटी मिशन (ग्रामीण) : वीबी जी राम जी योजना मध्यप्रदेश' और इसके 1 जुलाई 2026 से प्रभावशील किए जाने का अनुसमर्थन किया। योजना के कार्यान्वयन के लिए वित्तीय वर्ष 2026-2027 में अनुमानित लागत रुपये 3,183 करोड़ रूपये तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक योजना की निरंतरता के लिए कुल अनुमानित लागत 26,436 करोड़ रूपये के वित्तीय प्रस्ताव का अनुसमर्थन किया गया। मंत्रि-परिषद ने प्रदेश के दुग्ध उत्पादकों के हित में सहकारी प्रणाली और सांची ब्राण्ड के उन्नयन के उद्देश्य से 2 हजार 973 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। मंत्रि-परिषद ने पश्चिम भोपाल बायपास 4 लेन मय पेव्ड शोल्डर के लम्बाई 35.61 कि.मी., निर्माण कार्य के लिए हाईब्रिड एन्यूटी मॉडल (एचएएम) अंतर्गत कुल परियोजना वित्तीय लागत 3,225 करोड़ 51 लाख रुपये की पुनरीक्षित स्वीकृति दी। मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में तकनीकी शिक्षा के संवर्धन, क्षेत्रीय संतुलन और अधोसंरचना की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए वर्तमान राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी)भोपाल के स्थान पर अब राज्य में 3 पृथक प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय स्थापित किए जाने की स्वीकृति दी है। ये विश्वविद्यालय भोपाल, उज्जैन और जबलपुर में स्थापित होंगे। मंत्रि-परिषद ने मेहलुआ-बीना-खिमलासा-मालथौन मार्ग लंबाई 67.116 कि.मी., 4-लेन मय पेव्हड शोल्डर के साथ हाईब्रिड एन्यूटी मॉडल पर निर्माण के लिए कुल परियोजना वित्तीय लागत रूपये 2,776 करोड़ 83 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति दी है। मंत्रि-परिषद ने स्वास्थ्य संस्थाओं में मशीन एवं उपकरण के अनुरक्षण से संबंधित योजना को एक अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर संचालन के लिए 488 करोड़ 41 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। 

मंत्रि-परिषद ने विभागीय परिसंपत्तियों के संधारण से संबंधित योजना को 01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च, 2031 तक निरंतर संचालन के लिए 915 करोड़ 77 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। मंत्रि-परिषद ने नवगठित मैहर, मऊगंज और पांढुर्णा जिलों में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के जिला कार्यालय संचालित करने के लिए प्रत्येक जिले में उप संचालक का एक पद, सहायक वर्ग-2 का एक पद एवं सहायक वर्ग-3 के तीन पद सहित कुल 15 नवीन नियमित पद सृजित किये जाने तथा प्रत्येक जिले के लिये चतुर्थ श्रेणी के दो-दो मानव संसाधन कुल 6 आउटसोर्सिंग से रखे जाने की स्वीकृति प्रदान की है।

मंत्रि-परिषद ने नवगठित जिला निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा एवं मैहर में जिला आयुष कार्यालयों के संचालन के लिए 20 पदों के सृजन की स्वीकृति दी है। मंत्रि-परिषद ने रबी विपणन वर्ष 2026 में मूँग एवं उडद का 1 जुलाई 2026 से उपार्जन के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्णय का अनुसमर्थन किया है। 

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