मथुरा (17 अगस्त 25)। भगवान श्रीकृष्ण के 5252वें जन्मोत्सव के पावन अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को मथुरा पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मथुरा के डैम्पियर नगर स्थित पांचजन्य सभागार में आयोजित साधु संतों के सम्मान समारोह में हिस्सा लिया। इस अवसर पर उन्होंने मथुरा वृंदावन को करीब 646 करोड़ रुपये की लागत वाली 118 विकास परियोजनाओं की सौगात दी और बृजक्षेत्र के समग्र विकास के लिए 30 हजार करोड़ रुपये की नई कार्ययोजना की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि पांच हजार वर्षों के पौराणिक इतिहास के हम साक्षी बन रहे हैं। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर देश और दुनिया से भक्त यहां भक्तिमय भाव के साथ एकत्रित हुए हैं। मथुरा की पावन माटी और इसके रज-रज में श्रीकृष्ण बसे हैं। ऐसी भक्ति दुनिया में कहीं और मिलना दुर्लभ है। इस पवित्र भूमि को कोटि कोटि नमन। सभी को जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से उन्हें मथुरा में रंगोत्सव और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी जैसे आयोजनों में शामिल होने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। उन्होंने भारत को आध्यात्मिकता और आधुनिक विकास के संगम के रूप में स्थापित करने की बात कही, जिसकी प्रेरणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलती है। सीएम योगी ने कहा कि पूरी दुनिया भारत की आध्यात्मिक विरासत पर शोध के लिए उत्सुक है। जब भी विश्व को संकट से उबरना होगा, भारत की आध्यात्मिक विरासत ही स्थायी शांति और सौहार्द का मार्ग प्रशस्त करेगी।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी, स्वतंत्र देव सिंह, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह, राज्यसभा सांसद तेजवीर सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष किशन चौधरी, महापौर विनोद कुमार अग्रवाल, विधायकगण श्रीकांत शर्मा, राजेश चौधरी, मेघश्याम सिंह, पूरन प्रकाश, एमएलसी ओम प्रकाश सिंह, योगेश चौधरी, उत्तर प्रदेश बृज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र, बीजेपी जिलाध्यक्ष निर्भय पांडेय, महानगर अध्यक्ष हरिशंकर राजू यादव, क्षेत्रीय महामंत्री नगेंद्र सिकरवार सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद् के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र और कमिश्नर शैलेन्द्र कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री की आगवानी की। जिलाधिकारी सीपी सिंह और उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास् परिषद के सीईओ श्याम बहादुर सिंह ने मंच की व्यवस्था संभाली। मुख्यमंत्री का भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी की सुंदर प्रतिमा भेंटकर सम्मान किया गया।