लंदन (14 जुलाई 26)। ब्रिटेन ने ईरान के सबसे प्रभावशाली सुरक्षा बल इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को राष्ट्रीय सुरक्षा के तहत आतंकवादी संगठन घोषित करने का फैसला लिया है। संसद से मंजूरी मिलने के बाद IRGC का समर्थन करना, उसकी मदद करना या उसके लिए काम करना ब्रिटेन में आपराधिक अपराध माना जाएगा, जिसके लिए 14 साल तक की जेल हो सकती है। ब्रिटेन के गृह मंत्रालय (Home Office) ने कहा कि सरकार को पर्याप्त सबूत मिले हैं कि IRGC ऐसी गतिविधियों में शामिल रही है, जो ब्रिटेन की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हैं। इसलिए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून National Security Act के तहत यह कार्रवाई की जा रही है।
गृह मंत्रालय के अनुसार, IRGC पर ब्रिटेन में कई शत्रुतापूर्ण गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैं। इनमें Iran International टीवी चैनल के दो पत्रकारों को निशाना बनाने की कथित साजिश, साइबर हमले और ईरान समर्थित अन्य गतिविधियां शामिल हैं। ब्रिटेन की गृह मंत्री शबाना महमूद ने कहा कि सरकार विदेशी शक्तियों की ओर से होने वाली खतरनाक गतिविधियों के खिलाफ कड़े कदम उठा रही है। उनका कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह फैसला देश की सुरक्षा और हितों की रक्षा के लिए जरूरी है। IRGC की स्थापना 1979 की ईरानी इस्लामी क्रांति के बाद हुई थी। यह ईरान की सबसे शक्तिशाली सैन्य और सुरक्षा संस्थाओं में से एक है और सीधे देश के सर्वोच्च नेता के प्रति जवाबदेह है। इसका दायरा पारंपरिक सेना तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें खुफिया गतिविधियां, क्षेत्रीय सहयोगी समूहों का संचालन और विदेशों में ईरान के प्रभाव को बढ़ाना भी शामिल माना जाता है।