लंदन (18 मई 24)। ब्रिटेन ( यू.के.) में जल आपूर्ति दूषित होने के कारण जल जनित बीमारी (वाटर बोर्न डिजीज) फैलने का खतरा बढ़ गया है, जिसके चलते साउथ वेस्ट वाटर ने ब्रिक्सहैम, बूहे, किंग्सवियर, रोजलैंड और उत्तर-पूर्व पैगटन के निवासियों से नल के पानी को उबाल कर पीने की सलाह दी है। इस क्षेत्र में दो दर्जन से ज्यादा लोगों में डायरिया जैसी वाटर बोर्न डिजीज की पुष्टि हुई है। जबकि 70 से ज्यादा मामलों की जांच की जा रही है।अन्य 70 संदिग्ध मामलों की भी जांच की जा रही है।
यू.के. स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी (यू.के.एच.एस.ए.) ने कहा कि क्रिप्टोस्पोरिडियम नामक परजीवी के कारण यह जल जनित बीमारी फैल रही है। यू.के.एच.एस.ए. का कहना है कि परजीवी, जिसे क्रिप्टो के नाम से भी जाना जाता है, क्रिप्टोस्पोरिडिओसिस नामक बीमारी का कारण बनता है। यह लोगों और कुछ जानवरों को प्रभावित करता है। यह संक्रमित मनुष्यों और जानवरों की आंतों और मल में पाया जा सकता है। यह परजीवी झीलों, नदियों, स्विमिंग पूल, अनुपचारित या खराब उपचारित पानी और भोजन को दूषित कर सकता है। लक्षणों में दस्त, पेट दर्द, मतली या उल्टी, हल्का बुखार और भूख न लगना शामिल हैं जो दो सप्ताह तक रह सकते हैं। यह परजीवी एक से पांच साल की उम्र के बच्चों और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले बच्चों को अपनी चपेट में ले रहा है। यू.के.एच.एस.ए. का कहना है कि स्वस्थ प्रतिरक्षा प्रणाली वाले अधिकांश लोग एक महीने के भीतर ठीक हो जाएंगे।