उज्जैन (03 नवंबर 25)। भगवान महाकालेश्वर की कार्तिक माह की दूसरी सवारी महाकालेश्वर मंदिर से निकाली गई। भगवान ने चंद्रमौलेश्वर स्वरूप में रजत पालकी पर सवार होकर नगर का भ्रमण कर प्रजा को दर्शन दिए। सोमवार शाम 4 बजे श्री महाकालेश्वर मंदिर के सभा मंडप में भगवान चंद्रमौलेश्वर का विधिवत पूजन किया गया। पूजन शासकीय पुजारी घनश्याम शर्मा ने किया गया। इस दौरान मंदिर प्रबंध समिति के कलेक्टर एवं अध्यक्ष रोशन कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा, प्रशासक प्रथम कौशिक आदि उपस्थित थे। सवारी जैसे ही मंदिर के मुख्य द्वार पर पहुंची, भगवान चंद्रमौलेश्वर को पुलिस जवानों द्वारा सलामी दी गई। सवारी में श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा संचालित श्री महाकालेश्वर बैंड भी सम्मिलित हुआ। सवारी महाकालेश्वर मंदिर से गुदरी चौराहा , बक्षी बाजार, कहारवाड़ी होते हुए रामघाट शिप्रा तट पहुंची, जहां भगवान चंद्रमौलेश्वर का मां शिप्रा के जल से पूजन किया गया। इसके बाद सवारी रामघाट से गणगौर दरवाजा, मोढ़ की धर्मशाला, कार्तिेक चोक, खाती का मंदिर, सत्य-नारायण मंदिर, ढाबा रोड, छत्री चौक, गोपाल मंदिर पहुंची। गोपाल मंदिर पर पूजन के बाद सवारी पटनी बाजार, गुदरी चौराहा होते हुए श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंची। सवारी मार्ग पर खड़े श्रद्धालुओं ने भगवान का दर्शन लाभ लिया। सवारी के आगे-आगे तोपची कड़ाबीन के माध्यम से राजाधिराज के आगमन की सूचना देते चल रहे थे। सवारी में मंदिर के पुजारी एवं पुरोहित, पुलिस बैंड, घुडसवार दल, सशस्त्र पुलिस बल के जवान, भजन मंडलियॉ व धर्मपरायण जनता भगवान श्री महाकालेश्वर का गुणगान करते चल रहे थे।