Wednesday, 30 Sep 2026

भवन निर्माण में उत्कृष्ट कार्य योजना अपनाएं: सीएम

भोपाल (13 फरवरी 26)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि निर्माण सिर्फ ईंट-पत्थर का संयोजन नहीं, एक अभिनव कला है। इसमें उत्कृष्ट दृष्टिकोण के साथ दीर्घकालिक कार्य योजना को अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बदलते समय की आवश्यकताओं के अनुरूप अब हर निर्माण कार्य में कन्सेप्चुअल और क्वालिटेटिव एप्रोच अनिवार्य रूप से दिखाई देना चाहिए। गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाना चाहिए। प्रदेश के विकास के लिए हम सभी को पूरी क्षमता दक्षता से काम करना होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को रवीन्द्र भवन में लोक निर्माण विभाग अन्तर्गत मध्यप्रदेश भवन विकास निगम द्वारा आयोजित एक दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। लोक निर्माण विभाग के तकनीकी अधिकारियों, वरिष्ठ एवं कनिष्ठ अभियंताओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वैचारिक प्रतिबद्धता और कार्यशैली में जड़ता से बचने और बदलती तकनीकों के अनुरूप स्वयं को अद्यतन रखने के लिए कौशल संवर्धन अत्यंत आवश्यक है। ऐसी कार्यशालाएं अभियंताओं की स्किल्स को रिफ्रेश करती हैं और उन्हें नई ऊर्जा प्रदान करती हैं। उन्होंने निर्माण कार्यों में दीर्घकालिक दृष्टि, नवाचार और पारदर्शिता को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में पीएम गतिशक्ति योजना के माध्यम से लोक निर्माण विभाग नवाचारों को धरातल पर उतार रहा है। वर्तमान समय में हमारे इंजीनियर्स साक्षात् भगवान विश्वकर्मा के अवतार हैं। लोक निर्माण विभाग ने पिछले 2 वर्षों के कार्यों के आधार पर अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। इस अवधि में सराहनीय कार्य हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गीता के अंतिम अध्याय में ज्ञान और विज्ञान की बात कही गई है, जिसमें मन, बुद्धि और अहंकार के साथ पंच तत्वों की व्याख्या की गई है। लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर्स की यह कार्यशाला आधुनिक संरचनाओं के निर्माण को गति प्रदान करने के लिए महत्वपूर्ण पहल है। हमारे इंजीनियर्स ने सांदीपनि विद्यालय सहित बड़े-बड़े अधोसंरचनात्मक विकास के निर्माण कार्य किए हैं। सड़क, पुल, स्टेडियम और भवन जैसे निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग के माध्यम से ही किये जाते हैं। विभागीय इंजीनियर्स की क्षमता संवर्धन के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण की आवश्यकता भी है। उन्होंने कहा कि इंजीनियर्स को अपना काम करने में अनेक चुनौतियों का भी सामना करना पड़ता है। आज की कार्यशाला में एमपीआईडीसी सहित देश की विभिन्न संस्थाओं के साथ समझौते हुए हैं। प्रदेश में ग्रीन बिल्डिंग के विकास को लेकर सहमति बनी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी कार्यों और नवाचारों के लिए लोक निर्माण मंत्री एवं विभाग को बधाई दीं।

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