इंदौर (06 जनवरी 26)। भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से बीमार पड़ने का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि इससे जुड़ी एक और दुखद घटना सामने आ गई। अब तक 17 मौते हो चुकी है। वहीं अभी भी करीब 5 लोगों आईसीयू में भर्ती हैं। धार जिले के शिव विहार कॉलोनी निवासी 69 वर्षीय रिटायर्ड हेड कांस्टेबल ओमप्रकाश शर्मा की इंदौर में उपचार के दौरान मौत हो गई। बताया जा रहा है कि शर्मा भागीरथपुरा में अपने रिश्तेदार के यहां गए थे, जहां उन्होंने दूषित पानी पिया, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ती चली गई।
परिजनों के अनुसार ओमप्रकाश शर्मा 25 दिसंबर को बेटे गौरव शर्मा से मिलने इंदौर आए थे, जो यहां शिक्षक हैं। 28 दिसंबर को वे भागीरथपुरा में रहने वाले रिश्तेदार के यहां गए थे। इसके कुछ दिन बाद 1 जनवरी को उन्हें उल्टी-दस्त की शिकायत हुई, जिसके चलते एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर 2 जनवरी को आईसीयू में शिफ्ट किया गया और बाद में वेंटिलेटर पर रखा गया। रविवार उन्होंने अंतिम सांस ली। सोमवार सुबह धार में उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई। मृतक के बेटे ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि इलाज में करीब तीन लाख रुपये खर्च हुए, लेकिन स्थानीय आधार कार्ड न होने के कारण प्रशासन ने उन्हें पांडेमिक पीड़ितों की सूची में शामिल नहीं किया। बेटे ने सवाल उठाया कि संक्रमण आधार कार्ड या क्षेत्र देखकर नहीं होता। उन्होंने दावा किया कि उनके पिता में दूषित पानी से फैलने वाली बीमारी के सभी लक्षण थे और उनकी कोई पुरानी बीमारी नहीं थी। वहीं, इंदौर प्रशासन ने इस मौत को पांडेमिक से जोड़ने से इनकार किया है। इस घटना ने एक बार फिर दूषित जलापूर्ति और प्रशासनिक संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।