इंदौर (13 जनवरी 26)। शहर में दूषित पानी पीने से होने वाली मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को एक और मरीज की मौत के बाद मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 23 हो गया। ताजा मामला 64 वर्षीय भगवानदास पिता तुकाराम भरणे का है, जो पिछले करीब 10 दिनों से अस्पताल में भर्ती थे। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक 434 मरीज भर्ती किए जा चुके हैं। इनमें 395 को छुट्टी दी जा चुकी है, जबकि 39 मरीज वार्ड में और 10 मरीज आईसीयू में भर्ती हैं। जबकि 3 वेटिंलेटर पर हैं।
परिजनों के अनुसार, भगवानदास की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पहले एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत गंभीर होने पर उन्हें बॉम्बे हॉस्पिटल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, अस्पताल लाए जाने के समय मरीज को कार्डियक अरेस्ट आ चुका था। तत्काल सीपीआर देकर उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया, लेकिन उनकी स्थिति बेहद नाजुक थी। डॉक्टरों के मुताबिक, मरीज को गैंग्रीन के साथ-साथ मल्टी आॅर्गन फेल्योर की गंभीर समस्या थी। इससे पहले दूषित पानी से हुई एक अन्य मौत की पहचान कमला बाई पति तुलसीराम (59) के रूप में हुई थी। कमला बाई को 5-6 जनवरी से उल्टी-दस्त की शिकायत थी। हालत बिगड़ने पर 7 जनवरी को उन्हें एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 9 जनवरी को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
बताया गया कि मृतका का पति मजदूरी करता है। दोनों करीब 20 दिन पहले ही जीवन की फेल से भागीरथपुरा क्षेत्र में आकर रहने लगे थे। इसी दौरान दूषित पानी पीने से कमला बाई की तबीयत बिगड़ गई थी। हालांकि, मौत के बाद परिजनों ने भागीरथपुरा क्षेत्र में नगर निगम की टीम और संबंधित केंद्र को इसकी सूचना दी, लेकिन आधार कार्ड में पता जीवन की फेल का दर्ज होने के कारण इस मामले को आधिकारिक रूप से दूषित पानी से हुई मौत के रूप में दर्ज नहीं किया गया।