नईदिल्ली (15 अप्रैल 25)। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार को एक प्रेस वार्ता में आरोप लगाया कि मोदी सरकार सिर्फ बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर का नाम लेती है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के लोग अंबेडकर के विरोधी हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कांग्रेस पर अंबेडकर का अपमान करने के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि भाजपा के वैचारिक पूर्वज बाबासाहेब को चुनाव में हराने के लिए जिम्मेदार थे।
खड़गे ने कहा कि भाजपा और आरएसएस के लोग बाबासाहेब के शत्रु हैं। उन्होंने दावा किया कि अंबेडकर को चुनाव में हराने के लिए विनायक दामोदर सावरकर और कम्युनिस्ट नेता एस ए डांगे जिम्मेदार थे। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि जिन्होंने संविधान की प्रति को जलाया, उनके शिष्य आज सत्ता में हैं। अंबेडकर की जयंती के मौके पर खड़गे ने जाति जनगणना के महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार 2011 की जनगणना के आधार पर योजनाएं बना रही है, जबकि 2021 की जनगणना का अब तक कोई विवरण नहीं आया है। खड़गे ने मांग की कि जाति जनगणना भी की जानी चाहिए ताकि यह पता चल सके कि विभिन्न समुदायों का विकास किस दिशा में हो रहा है और किसे किस क्षेत्र में प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
खड़गे ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह बाबासाहेब का नाम लेते हैं, लेकिन उनकी उम्मीदों को पूरा करने के लिए कुछ नहीं कर रहे हैं। उन्होंने आरक्षण की 50 प्रतिशत सीमा को खत्म करने की बात की और निजी शिक्षण संस्थानों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण लागू करने की मांग की। इसके लिए संविधान में संशोधन किया गया था, लेकिन मोदी सरकार ने इसे लागू नहीं किया।