नईदिल्ली (23 जून 25)। भारतीय विमान सेवाओं के सामने मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान ने अपना एयरस्पेस भारतीय विमानों के लिए बंद कर दिया था। अब ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव के कारण ईरानी एयरस्पेस भी भारतीय उड़ानों के लिए बंद हो गया है। इससे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के रास्ते लम्बे हो गए हैं, ईंधन की खपत बढ़ गई है, और टिकट की कीमतें भी बढ़ गई हैं।
इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स की एविएशन एक्सपर्ट कमिटी के अध्यक्ष सुभाष गोयल के मुताबिक, केवल पाकिस्तान और ईरान ही नहीं, कई अन्य देशों के एयरस्पेस भी भारतीय उड़ानों के लिए बंद हैं। इसका सीधा असर दिल्ली, पंजाब, राजस्थान जैसे राज्यों से उड़ान भरने वाली फ्लाइट्स पर पड़ा है। लंबा रास्ता और बढ़ा हुआ ईंधन खर्च, टिकट की कीमतों में 15 से 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी का कारण बना है। एविएशन एक्सपर्ट अमित सिंह ने बताया कि लंबे रास्तों के कारण अब भारतीय एयरलाइंस को कम से कम एक स्टॉप लेना पड़ रहा है, जिससे यात्रियों का समय भी ज्यादा लग रहा है और उनकी थकान भी बढ़ रही है। इससे पहले नॉन-स्टॉप उड़ानें थीं, अब बीच में रुकावटें आ गई हैं।
सुभाष गोयल ने कहा कि तेल की कीमतों में वृद्धि के कारण एयरलाइंस का खर्च और भी बढ़ा है। ज्यादा ईंधन जलाने और लंबा मार्ग अपनाने के कारण लागत बढ़ रही है, जिसका भार अंततः यात्रियों पर पड़ रहा है। अब भारतीय एयरलाइंस को गुजरात के भुज और जामनगर के बीच अरब सागर के ऊपर से उड़ान भरनी पड़ रही है। ओमान और यूएई के एयरस्पेस से होकर ग्रीस और नॉर्थ मैसेडोनिया के रास्ते यूरोप व अमेरिका तक पहुंचना पड़ रहा है, जो पहले सीधे पाक-ईरानी रास्ते से संभव था।