मुंबई (04 अक्टूबर 26)। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में एक बड़ा हादसा होने से बच गया। भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार ने गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद अपनी सूझबूझ और साहस से 174 यात्रियों और क्रू मेंबर्स की जान बचा ली। उनकी इस बहादुरी के लिए मैनकाइंड फार्मा ने 1 करोड़ रुपये के इनाम की घोषणा की है, वहीं भारतीय पायलटों की संस्था ने उन्हें राष्ट्रीय बहादुरी पुरस्कार देने की मांग की है।
यह घटना बुधवार, 30 सितंबर की है, जब फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 दुबई से तेल अवीव (इज़राइल) के लिए रवाना हुई थी। उड़ान के दौरान कॉकपिट के भीतर अचानक अफरा-तफरी मच गई। रिपोर्ट्स के अनुसार, ओमान के नागरिक और सह-पायलट हमम अल-हमामी ने विमान को हाईजैक करके क्रैश करने की साजिश रची। उसने कॉकपिट के अंदर ही मुख्य पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में कैप्टन स्मित बुरी तरह घायल हो गए, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। गंभीर चोटों के बावजूद उन्होंने हमलावर का डटकर मुकाबला किया और किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे।
कॉकपिट का दरवाजा खुलते ही फ्लाइट में मौजूद कुछ इज़राइली यात्री तुरंत आगे बढ़े और कॉकपिट में दाखिल होकर हमलावर सह-पायलट को दबोच लिया। विमान में 27 बच्चों समेत कुल 174 यात्री सवार थे। कैप्टन स्मित की तत्परता और जांबाजी के कारण एक बड़ा विमान हादसा टल गया और सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित रहे।