मुंबई (21 सितंबर 26)। भारत और कनाडा के बीच व्यापारिक रिश्तों को लेकर बड़ी उम्मीद जगी है। कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मैनिंदर सिद्धू ने कहा है कि दोनों देश व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) पर बातचीत को इस साल के अंत तक पूरा करने को लेकर आशावादी हैं। रॉयटर्स को मुंबई में दिए साक्षात्कार में सिद्धू ने कहा कि उन्हें भरोसा और उत्साह है कि दोनों देश आने वाले महीनों में इस समझौते को आगे बढ़ा सकते हैं। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने मार्च में नई दिल्ली की यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौते को साल के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य बताया था।
सिद्धू के मुताबिक, भारतीय व्यापार वार्ताकार अगले महीने कनाडा का दौरा कर सकते हैं। इसके अलावा दिसंबर में होने वाली जी-20 बैठक से इतर दोनों देशों के नेताओं की मुलाकात की भी संभावना है। प्रस्तावित आर्थिक साझेदारी में ऊर्जा क्षेत्र महत्वपूर्ण मुद्दों में से एक है। कनाडा में पिछले साल एक बड़ी तरलीकृत प्राकृतिक गैस परियोजना शुरू हुई थी और इसके अलावा पांच अन्य परियोजनाएं अलग-अलग चरणों में हैं। सिद्धू ने कहा कि कनाडा भारतीय कंपनियों के साथ इस बात पर बातचीत कर रहा है कि वे इन परियोजनाओं तक पहुंच कैसे बना सकती हैं, उनमें निवेश कैसे कर सकती हैं और भविष्य की आपूर्ति कैसे सुरक्षित कर सकती हैं।
एलएनजी के अलावा दोनों देश परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने की संभावनाएं तलाश रहे हैं। भारत अपनी परमाणु ऊर्जा क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि करने की दिशा में काम कर रहा है। कनाडाई मंत्री ने कहा कि कनाडा का परमाणु उद्योग में लंबा अनुभव है और कनाडाई कंपनियों तथा उद्योगों के लिए भारत में परमाणु आपूर्ति श्रृंखला के निर्माण में योगदान देने की संभावनाएं हैं। महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में भी दोनों देशों के कारोबारी संबंध बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। सिद्धू ने बताया कि रिलायंस इंडस्ट्रीज, महिंद्रा एंड महिंद्रा और जेएसडब्ल्यू समूह समेत कई बड़े भारतीय कारोबारी समूह कनाडा में महत्वपूर्ण खनिज परियोजनाओं में निवेश की संभावनाएं तलाश रहे हैं। इन निवेशों का एक उद्देश्य आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित करना भी है।