Wednesday, 30 Sep 2026

भारत की उदारता को कमजोरी न समझें: डोभाल

नईदिल्ली (15 अगस्त 26)। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने कहा है कि भारत की उदारता और सहनशीलता को उसकी कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश जोखिम उठा सकता है और कड़ा प्रहार कर सकता है, चाहे नतीजे कुछ भी हों। डिस्कवरी की आने वाली वृत्तचित्र शृंखला 'डीक्लासिफाइड: ऑपरेशन सिंदूर' में डोभाल ने कहा कि 88 घंटे चले इस सैन्य अभियान का मकसद दुश्मन के शिविरों को नष्ट करना था, खासकर उन ठिकानों को जो पहलगाम आतंकी हमले के लिए जिम्मेदार थे।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद अपने पहले साक्षात्कार में डोभाल ने कहा, 'हमने ऑपरेशन का मकसद दुश्मन के शिविरों को नष्ट करना तय कर लिया था, खासकर उनको जो पहलगाम हमले के लिए ज़िम्मेदार थे।' उन्होंने कहा, 'दुनिया के लिए संदेश बहुत साफ है। भारत की उदारता या सहनशीलता को उसकी कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए। भारत जोखिम उठा सकता है, भारत कड़ा प्रहार कर सकता है, चाहे नतीजे कुछ भी हों।' डिस्कवरी ने एक बयान में कहा कि दो भाग वाली यह शृंखला भारत के सैन्य और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े नेतृत्व को एक साथ लाती है ताकि ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े फैसलों और घटनाओं को बताया जा सके। इसमें उन लोगों के सीधे अनुभव शामिल हैं जिन्होंने भारत की जवाबी कार्रवाई की देखरेख की थी। इसमें कहा गया है कि शो में डोभाल सैन्य जवाबी कार्रवाई के पीछे लिए गए फैसलों और दृढ़ संकल्प के बारे में बताते हैं।

'डीक्लासिफाइड: ऑपरेशन सिंदूर' का प्रीमियर शनिवार रात 9 बजे डिस्कवरी और उसकी इंटरनेट स्ट्रीमिंग सेवा डिस्कवरी+ पर होगा। पिछले साल 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेने के लिए छह-सात मई की रात को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया गया था। इसके तहत भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर में कई आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए। बाद में पाकिस्तान ने भी भारत के खिलाफ हमले किए, और भारत की ओर से सभी जवाबी कार्रवाई भी ऑपरेशन सिंदूर के तहत ही की गईं। परमाणु शस्त्र संपन्न दोनों पड़ोसी देशों के बीच लगभग 88 घंटे तक चला सैन्य संघर्ष 10 मई की शाम को एक समझौते पर पहुंचने के बाद रुक गया।  

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