नईदिल्ली (11 जनवरी 25)। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने भारत में शेख हसीना के वीजा विस्तार के मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। बांग्लादेश सरकार ने यह कहा है कि एक बार पासपोर्ट रद्द हो जाने के बाद, वीजा का मामला बेमानी हो जाता है। टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, शेख हसीना, जो अगस्त 2024 में बांग्लादेश में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद भारत भाग गई थीं, जो वर्तमान में भारत में निवास परमिट के तहत रह रही हैं।
बांग्लादेश की सरकार ने जुलाई 2024 में हुए विद्रोह और विरोध प्रदर्शनों के दौरान 97 व्यक्तियों के पासपोर्ट रद्द कर दिए थे। इनमें शेख हसीना का नाम भी शामिल था। सरकार ने आरोप लगाया कि हसीना और अन्य व्यक्तियों का संबंध विरोध प्रदर्शनों के दौरान कथित रूप से लोगों की गायब होने और हिंसा में शामिल होने से था। इसके बाद, अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) ने हसीना और 11 अन्य लोगों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी किए।
भारत ने शेख हसीना का वीजा विस्तार किया था, जिसके बाद अफवाहें उठने लगीं कि हसीना को भारत ने शरण दे दी है। हालांकि, भारतीय अधिकारियों ने इस पर स्पष्ट किया कि भारत में शरण के लिए कोई विशेष कानून नहीं है और हसीना का वीजा विस्तार शरणार्थी स्थिति का समर्थन नहीं है। अधिकारियों ने इसे एक तकनीकी कदम बताते हुए कहा कि यह केवल उनकी यात्रा को सुविधाजनक बनाने के लिए किया गया है। सूत्रों ने यह भी पुष्टि की कि हसीना दिल्ली में एक सुरक्षित घर में कड़ी सुरक्षा के तहत रह रही हैं।