ओटावा (26 सितंबर 25)। कनाडा सरकार ने अपने नागरिकों के लिए भारत यात्रा को लेकर नया ट्रैवल एडवाइजरी जारी किया है। इसमें बताया गया है कि भारत के कुछ हिस्सों में सुरक्षा का खतरा अधिक है और इन जगहों पर यात्रा करते समय सावधानी बरतना जरूरी है। एडवाइजरी के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में यात्रा की सलाह नहीं दी गई है। यहां आतंकवाद, विद्रोह और नागरिक अशांति के खतरे मौजूद हैं। वहीं, लद्दाख क्षेत्र को सुरक्षित माना गया है और वहां यात्रा की जा सकती है।
पूर्वोत्तर राज्यों में असम और मणिपुर को जोखिमपूर्ण बताया गया है। इन क्षेत्रों में आतंकवाद और विद्रोह की वजह से गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। भारत-पाकिस्तान सीमा के पास के इलाके जैसे गुजरात, पंजाब और राजस्थान भी खतरनाक हैं। इन क्षेत्रों में भूमि-माइन और विस्फोटक के खतरे मौजूद हैं। इसके अलावा, अटारी-वाघा सीमा फिलहाल बंद है। दिल्ली में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। कनाडा विरोधी प्रदर्शन हो सकते हैं, इसलिए भीड़ से दूर रहना और सतर्क रहना जरूरी है। अन्य देशों की एडवाइजरी में भी यह चेतावनी दी गई है कि जम्मू-कश्मीर, मणिपुर और सीमा क्षेत्र हाई-रिस्क हैं। अमेरिका ने सीमा से 10 किलोमीटर के भीतर यात्रा न करने की सख्त सलाह दी है।
एडवाइजरी के अनुसार, यात्रा की योजना बनाने वाले पर्यटकों को इन चेतावनियों को ध्यान में रखने के लिए कहा गया है। लद्दाख, गोवा, केरल और अंडमान जैसे इलाके सुरक्षित माने गए हैं। वीजा और पासपोर्ट संबंधी जानकारी के अनुसार, पासपोर्ट कम से कम 6 महीने तक वैध होना चाहिए। टूरिस्ट वीजा 180 दिन तक के लिए मिलता है। अगर 180 दिन से अधिक समय तक रहना हो, तो FRRO में रजिस्ट्रेशन करना जरूरी है।