Tuesday, 29 Sep 2026

भारत के नक्शेकदम पर नेपाल की नई बालेन सरकार

काठमांडू (08 अप्रैल 26)। भारत की राह पर चलते हुए नेपाल की नई सरकार ने बढ़ती महंगाई से राहत देने के लिए पेट्रोलियम उत्पादों पर बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने पेट्रोल, डीजल और केरोसिन पर लगने वाले कस्टम ड्यूटी और इंफ्रास्ट्रक्चर टैक्स में 50% तक की छूट देने का निर्णय लिया है। यह फैसला कैबिनेट बैठक में लिया गया, जिसकी जानकारी मंत्री प्रतिभा रावल ने दी। सरकार का मानना है कि इससे आम लोगों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ कम होगा। यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब भारत ने भी हाल ही में पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाकर आम लोगों को राहत दी थी। अब नेपाल ने भी उसी राह पर चलते हुए ईंधन को सस्ता करने की कोशिश की है।

नेपाल में फिलहाल पेट्रोल पर करीब 25.23 नेपाली रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 12.02 रुपये प्रति लीटर कस्टम ड्यूटी लगती है। इसके अलावा दोनों पर 10 रुपये प्रति लीटर इंफ्रास्ट्रक्चर टैक्स भी लिया जाता है। इसके साथ VAT, रोड मेंटेनेंस टैक्स और अन्य शुल्क भी लागू होते हैं। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हुई है। इस मार्ग से दुनिया का लगभग 20% तेल गुजरता है, इसलिए यहां संकट का असर सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार पर पड़ा है। तेल की कीमतों में उछाल के कारण परिवहन लागत बढ़ गई है, जिससे रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी असर पड़ा है। एशियाई देशों पर इसका असर ज्यादा देखा जा रहा है क्योंकि वे खाड़ी देशों से तेल आयात पर निर्भर हैं। हालांकि नेपाल सीधे खाड़ी देशों से तेल नहीं खरीदता, लेकिन वह पूरी तरह भारत पर निर्भर है। भारत भी इस समय ईंधन आयात में दबाव झेल रहा है। इसी कारण भारत ने भी हाल ही में पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती की थी। पिछले वित्त वर्ष में नेपाल ने करीब 288 अरब नेपाली रुपये के पेट्रोलियम उत्पाद आयात किए थे, जो देश का सबसे बड़ा आयात है।

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