इस्लामाबाद (14 मई 26)। सिंधु जल संधि निलंबित होने के बाद पाकिस्तान में पानी को लेकर बेचैनी लगातार बढ़ती जा रही है। अब प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के करीबी और उनके सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने दावा किया है कि भारत चिनाब नदी पर तेजी से बांध बना रहा है, जिससे आने वाले वर्षों में पाकिस्तान को गंभीर जल संकट और बाढ़ दोनों का खतरा पैदा हो सकता है। राणा सनाउल्लाह ने दावा किया है कि भारत चिनाब नदी पर पांच बड़े बांध बना रहा है, जिनके 2030 तक पूरा होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद पाकिस्तान को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है।
राणा सनाउल्लाह ने एक पाकिस्तानी टीवी चैनल से बातचीत में आरोप लगाया कि भारत पानी को “हथियार” की तरह इस्तेमाल करने की तैयारी कर रहा है।उन्होंने कहा कि अगर भारत जरूरत के समय पानी रोकता है तो पाकिस्तान में खेती और पीने के पानी का संकट खड़ा हो सकता है। वहीं अगर अचानक ज्यादा पानी छोड़ा गया तो बाढ़ की स्थिति पैदा हो सकती है। यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित कर रखा है। इस संधि के तहत चिनाब नदी का अधिकांश पानी पाकिस्तान को मिलता है, जबकि भारत को सीमित उपयोग और पनबिजली परियोजनाओं का अधिकार प्राप्त है। चिनाब नदी लगभग 974 किलोमीटर लंबी है और यह सिंधु नदी प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है। इसका उद्गम हिमाचल प्रदेश में चंद्र और भागा नदियों के संगम से होता है। इसके बाद यह जम्मू-कश्मीर से गुजरते हुए पाकिस्तान के पंजाब क्षेत्र में प्रवेश करती है। भारत पहले से ही चिनाब नदी पर बगलिहार और रतले जैसी पनबिजली परियोजनाओं पर काम कर रहा है।