पेरिस (19 जून 26)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यूरोपीय कंपनियों से कहा है कि भारत में दो लाख से ज्यादा स्टाटर्अप उनके साथ मिलकर दुनिया की बेहतरी के लिए काम करने को उत्सुक हैं। मोदी ने गुरुवार को पेरिस में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ यूरोप के सबसे बड़े प्रौद्योगिकी और स्टार्ट-अप कार्यक्रम वीवा टेक -26 में हिस्सा लिया।
प्रौद्योगिकी क्षेत्र के उद्योगपतियों, स्टार्ट-अप, निवेशकों और‘बिजनेस लीडर'को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने मानव-केंद्रित एआई और नयी प्रौद्योगिकी के लिए भारत के विजन और उभरती प्रौद्योगिकी में भारत-फ्रांस सहयोग के बढ़ते दायरे पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी के क्षेत्र ने भारत में बड़े बदलाव किए हैं - जैसे डिजिटल पेमेंट, एआई-आधारित कृषि विकास और अत्याधुनिक स्पेस एप्लीकेशन। मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने भारतीय स्टार्ट-अप और नवाचार कंपनियों के प्रतिनिधियों से बातचीत की। इनमें उद्योग , स्वास्थ्य, सततता और आवागमन के लिए नये समाधान लाने वाली कंपनियां शामि थी। प्रधानमंत्री ने कंपनियों के प्रतिनिधियों से‘इंडिया पैविलियन'में जाने का आग्रह करते हुए कहा, 'दो लाख से ज़्यादा स्टार्ट-अप के साथ, भारत दुनिया के सबसे जीवंत इको-सिस्टम में से एक है। यहां, आपको भारत की ज़बरदस्त ऊर्जा का अनुभव होगा। चाहे वह दुनिया का पहला सिंगल-पीस 3डी प्रिंटेड रॉकेट इंजन हो, एडवांस्ड जेनेटिक-इंजीनियरिंग थेरेपी हो, कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों का पता लगाने वाले या साइबर और नेटवर्क सिक्योरिटी को बेहतर बनाने वाले एआई सॉल्यूशन हों, ऑटोनॉमस रोबोट, स्मार्ट सिटी और मोबिलिटी सॉल्यूशन हों। आप ये सब इंडिया पैविलियन में देखेंगे। अलग-अलग सेक्टर में, हमारे स्टार्ट-अप प्रेरणादायी तरीके से इनोवेशन कर रहे हैं।'