नईदिल्ली (26 सितंबर 25)। अमेरिका की रहने वाली क्रिस्टन फिशर ने हाल ही में एक वायरल वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने भारत में स्वास्थ्य देखभाल की सस्ती और सुलभ प्रणाली पर अपनी हैरानी जताई। क्रिस्टन ने बताया कि उनके अंगूठे में चोट लगने के कारण उन्होंने दिल्ली के एक सरकारी अस्पताल का दौरा किया, और इलाज का खर्च सिर्फ 50 रुपए (लगभग 60 सेंट) आया। उन्होंने वीडियो में कहा कि यह उनके लिए पूरी तरह चौंकाने वाला अनुभव था।
क्रिस्टन ने बताया कि अगर वही इलाज अमेरिका में किया जाता, तो इसका खर्च लगभग $2,000 (लगभग 1.7 लाख रुपए) होता। उन्होंने कहा, 'यह अनुभव मेरे लिए दो कारणों से चौंकाने वाला था: पहला, अस्पताल मेरे घर से केवल 5 मिनट की दूरी पर था, और दूसरा, इलाज का खर्च मात्र 50 रुपए था।' वे आगे कहती हैं कि भारत की स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली सुलभ, किफायती और प्रभावी है, जबकि अमेरिका में स्वास्थ्य सेवाओं का खर्च बहुत अधिक है। क्रिस्टन ने अपने वीडियो में अस्पताल के अनुभव का भी विवरण दिया। उन्होंने बताया कि डॉक्टर और नर्सें बहुत मददगार थीं, और इलाज बेहद तीव्र और सुरक्षित था। उन्हें तुरंत बैंडेजिंग और आवश्यक दवाइयाँ मिल गईं, और कोई जटिल प्रक्रिया या लंबा इंतजार नहीं करना पड़ा। उन्होंने यह भी बताया कि अस्पताल की साफ-सफाई और प्रबंधन प्रणाली ने उन्हें आश्वस्त किया कि भारत में सरकारी स्वास्थ्य सेवाएँ उच्च गुणवत्ता वाली हैं।
क्रिस्टन का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। ट्विटर, Instagram और TikTok पर लोग उनके अनुभव को साझा कर रहे हैं और भारत की स्वास्थ्य सेवाओं की तारीफ कर रहे हैं। वीडियो में उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत का स्वास्थ्य मॉडल सस्ती, तेज और भरोसेमंद है, जो विकसित देशों के मॉडल से कई मामलों में बेहतर है।विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में सरकारी अस्पतालों की सस्ती चिकित्सा सेवाएँ विशेष रूप से ग्रामीण और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए वरदान साबित होती हैं।