टोक्यो (31 अगस्त 25)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जापान यात्रा भारत के लिए बड़ी कूटनीतिक जीत लेकर आई है। टोक्यो में भारत और जापान ने मिलकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार और स्थायी सदस्यता की मांग दोहराई। दोनों देशों ने साफ कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए UNSC में स्थायी और अस्थायी दोनों श्रेणियों का विस्तार जरूरी है। घोषणापत्र में इस बात पर जोर दिया गया कि सुधारों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए और ठोस नतीजे निकाले जाएं।
भारत और जापान का यह रुख ऐसे समय आया है, जब पीएम मोदी जल्द ही चीन दौरे पर जाने वाले हैं। गौरतलब है कि चीन लंबे समय से भारत और जापान की स्थायी सदस्यता का विरोध करता रहा है और पाकिस्तान उसकी हां में हां मिलाता आया है। वहीं अमेरिका भी खुलकर UNSC में सुधार का समर्थन नहीं करता, क्योंकि वह दूसरे देशों को वीटो शक्ति नहीं देना चाहता। घोषणापत्र में भारत और जापान दोनों ने एक-दूसरे की स्थायी सदस्यता की उम्मीदवारी का समर्थन किया। साथ ही कहा कि बदलती दुनिया में संयुक्त राष्ट्र को ज्यादा प्रभावी और जवाबदेह बनाने के लिए सुधार अनिवार्य हैं। UNSC सुधार के लि UN चार्टर में संशोधन करना होगा, जिसके लिए महासभा में दो-तिहाई बहुमत और सभी स्थायी सदस्यों (P5) की सहमति जरूरी है। G-4 समूह (भारत, जापान, जर्मनी, ब्राजील) स्थायी सदस्य बढ़ाने का समर्थन करता है। जबकि UfC समूह सिर्फ अस्थायी सदस्य बढ़ाने का पक्षधर है।