नईदिल्ली (03 दिसंबर 24)। पिछले तीन वर्षों में केंद्र सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69ए के तहत खालिस्तान समर्थक और कट्टरपंथी सामग्री को रोकने के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए 10,500 से अधिक URL को ब्लॉक किया है। ये URL सोशल मीडिया पर खालिस्तान जनमत संग्रह और अन्य विवादित गतिविधियों से जुड़े थे। यह कार्रवाई इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा गृह मंत्रालय के साथ मिलकर की गई। इन URL को भारत की संप्रभुता, एकता और सुरक्षा के लिए खतरा माना गया था। इसमें खालिस्तान जनमत संग्रह से जुड़ी सामग्री ब्लॉक की गई। करीब 10,500 URL में खालिस्तान समर्थक सामग्री शामिल थी। कई मोबाइल ऐप्स, जिनका उपयोग खालिस्तान जनमत संग्रह को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा था, को भी ब्लॉक कर दिया गया। 2,100 URL को पीएफआई से जुड़ी सामग्री फैलाने के लिए ब्लॉक किया गया। साथ ही LTTE (लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम) से जुड़े पोस्ट और अकाउंट, जम्मू-कश्मीर के आतंकी समूहों की सामग्री और वॉरिस पंजाब दे से जुड़े खाते ब्लॉक किए गए।