नईदिल्ली (12 मई 25)। भारत ने अमेरिका द्वारा भारत-पाक संघर्षविराम में 'निर्णायक भूमिका' निभाने के दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने साफ शब्दों में कहा कि यह समझौता भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य स्तर पर हुई सीधी बातचीत का नतीजा है, और इसमें किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं रही। मिसरी के अनुसार, शनिवार दोपहर 3:35 बजे पाकिस्तान के डीजीएमओ ने भारतीय डीजीएमओ को फोन किया जिसमें दोनों पक्षों के बीच नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर चल रही सैन्य कार्रवाइयों को रोकने को लेकर सहमति बनी।
इसके तहत शाम 5 बजे से जमीन, हवा और समुद्र- सभी मोर्चों पर संघर्षविराम लागू कर दिया गया।इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया मंच 'ट्रुथ सोशल' पर यह दावा किया था कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम अमेरिका की कूटनीतिक पहल और मध्यस्थता का नतीजा है। विदेश मंत्री मार्को रुबियो और उपराष्ट्रपति जे.डी. वांस ने भी इस बयान को दोहराया।ट्रंप ने कहा कि उन्हें 'दोनों देशों के नेतृत्व पर गर्व है' और अमेरिका ने इस ऐतिहासिक कदम तक पहुंचने में मदद की है। उन्होंने कश्मीर पर भी समाधान तलाशने की बात कही।