Tuesday, 29 Sep 2026

भारत-न्यूजीलैंड के बीच होगा मुक्त व्यापार समझौता

नईदिल्ली (22 सितंबर 26)। भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) 20 अक्टूबर से लागू होगा। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि इस कदम से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने यहां संवाददाताओं को बताया कि 27 अप्रैल को हस्ताक्षरित यह समझौता लागू होते ही न्यूजीलैंड को होने वाले भारत के 100 प्रतिशत निर्यात को शुल्क मुक्त पहुंच मिल जाएगी। गोयल ने कहा कि यह समझौता अगले 15 वर्षों में न्यूजीलैंड से भारत में 20 अरब अमेरिकी डॉलर के बड़े निवेश का रास्ता भी खोलता है।

वाणिज्य मंत्री ने कहा, 'हम अपनी द्विपक्षीय आर्थिक साझेदारी में अगले महत्वपूर्ण पड़ाव को आगे बढ़ा रहे हैं। भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता 20 अक्टूबर, 2026 को 'दशहरा' के शुभ अवसर पर लागू होगा। यह न्यूजीलैंड के साथ एक मजबूत और अधिक महत्वाकांक्षी आर्थिक साझेदारी बनाने की हमारी साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।' उन्होंने कहा कि इस समझौते के तहत कृषि उत्पादकता साझेदारी भी कायम की गई है। इससे न्यूजीलैंड की तकनीक भारत के बड़े पैमाने और बढ़ती मांग के साथ तालमेल बना सकेगी। गोयल के अनुसार, न्यूजीलैंड को इस समझौता से दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था तक तरजीही पहुंच मिलेगी। न्यूजीलैंड ने भारत में 15 वर्षों के दौरान 20 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है। इस समय न्यूजीलैंड सेरामिक्स, कालीन, वाहन और वाहन कलपुर्जों सहित प्रमुख भारतीय वस्तुओं पर 10 प्रतिशत तक का अधिकतम शुल्क लगाता है। गोयल ने कहा, 'हमारी तात्कालिक प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना होना चाहिए कि समझौते के प्रावधान तुरंत भारत और न्यूजीलैंड के कारोबारियों तथा लोगों के लिए ठोस लाभ में तब्दील हों... आइए मिलकर यह सुनिश्चित करें कि यह एफटीए दोनों देशों के बीच एक गहरी, अधिक गतिशील और पारस्परिक रूप से लाभकारी आर्थिक साझेदारी की मजबूत नींव बने।' उन्होंने स्पष्ट किया कि डेयरी, प्याज, चना, मटर, मक्का, बादाम, कृत्रिम शहद और चीनी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को इस व्यापार समझौते से बाहर रखा गया है। न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मैक्ले ने कहा कि यह एक उच्च गुणवत्ता वाला समझौता है, जो दोनों देशों के नागरिकों को महत्वपूर्ण लाभ देगा। उन्होंने कहा कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के इस दौर में यह समझौता दोनों देशों के कारोबारी समुदायों में भरोसा पैदा करेगा।

Tags:

Follow us

This question is not available..!