इस्लामाबाद (04 मई 25)। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले ने न केवल भारत को हिला दिया, बल्कि पूरे दक्षिण एशिया की स्थिरता को खतरे में डाल दिया। इस हमले में 26 निर्दोष लोगों जिनमें अधिकतर पर्यटक थे, की मौत हुई। घटना के चंद दिनों बाद चीन के राजदूत जियांग जैदोंग ने इस्लामाबाद में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की। इस बैठक ने भारत, पाकिस्तान और चीन के बीच शक्ति संतुलन और राजनयिक प्राथमिकताओं को उजागर कर दिया।
चीनी राजदूत ने पाकिस्तान की सुरक्षा चिंताओं' को समर्थन देते हुए भारत और पाकिस्तान दोनों से संयम बरतने की अपील की। यह अपील तब दी गई जब हमला भारत की धरती पर हुआ था। विश्लेषकों का मानना है कि यह चीन की तथाकथित तटस्थता नहीं, बल्कि एक सोची-समझी रणनीतिक चाल है जिसमें वह आतंक के पीड़ित और संभावित पोषक दोनों से एक समान व्यवहार करता है। चीन-पाकिस्तान की नजदीकी कोई रहस्य नहीं है चाहे वह CPEC, ग्वादर पोर्ट, या सुरक्षा सहयोग हो। मगर आतंकवादी घटना के तुरंत बाद चीन का पाकिस्तान के पक्ष में खड़ा होना, यह बताता है कि बीजिंग की प्राथमिकता भारत की सुरक्षा चिंताएं नहीं, बल्कि इस्लामाबाद के हित हैं।