जम्मू (30 नवंबर 25)। साम्बा सेक्टर में भारत–पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सर्दियों के मौसम को देखते हुए बीएसएफ ने गश्त को और तेज कर दिया है। ठंड बढ़ने के साथ ही आने वाले दिनों में पड़ने वाले घने कोहरे के मद्देनज़र बीएसएफ ने निगरानी व्यवस्था को और सख्त किया है। बीएसएफ के अनुसार, घने कोहरे की ओट में पाकिस्तान की ओर से आतंकियों की घुसपैठ कराने की संभावित कोशिशों को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं।
अधिकारियों ने बताया कि अगस्त में आई अचानक बाढ़ से सीमांत क्षेत्र में क्षतिग्रस्त हुई फेंसिंग और बीओपी (बॉर्डर आउट पोस्ट) का अधिकतर हिस्सा अब पुनर्निर्मित किया जा चुका है। मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद अब सुरक्षा बलों का पूरा ध्यान संभावित घुसपैठ, तस्करी की गतिविधियों को रोकने और कोहरे के दौरान किसी भी संदिग्ध मूवमेंट को समय रहते पहचानने पर है। ज्ञात हो कि सीमावर्ती क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटा मैदानी इलाका दिसंबर और जनवरी के महीनों में घने कोहरे से ढका रहता है, जिससे दृश्यता अत्यंत कम हो जाती है। ऐसे मौसम का फायदा उठाकर घुसपैठ की आशंका सबसे अधिक रहती है। इसे ध्यान में रखते हुए बीएसएफ ने उन्नत इलेक्ट्रॉनिक निगरानी उपकरण तैनात किए हैं, जो कम विज़िबिलिटी के बावजूद लंबी दूरी तक मूवमेंट को ट्रैक करने में सक्षम हैं।
बीएसएफ अधिकारियों ने बताया कि भारत–पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के रामगढ़ सेक्टर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए बल ने पैट्रोलिंग और निगरानी को और बढ़ा दिया है। हाल ही में चलाए गए ऑपरेशन संदूर के बाद सीमा पर हर गतिविधि पर विशेष नजर रखी जा रही है। चुनौतीपूर्ण मौसम में भी जवान सीमा पर कंटीली तारों के आसपास बारीकी से लगातार गश्त कर रहे हैं। दृश्यता कम होने के बावजूद जवान किसी भी संदिग्ध हरकत पर तुरंत कार्रवाई के लिए तैयार हैं। सीमा सुरक्षा बल का कहना है कि पाकिस्तान की तरफ से होने वाली किसी भी नापाक कोशिश को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तैयारी की गई है।