Wednesday, 07 Oct 2026

भारत में कृषि संस्कृति के जनक हैं बलराम: मुख्यमंत्री

भोपाल (15 अगस्त 25)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भगवान श्री बलराम भारत में कृषि संस्कृति के जनक हैं। वे हलधर, महान बलशाली, मेहनतकश, शुद्ध हृदय और पराक्रमी थे। उनका जन्म दिवस हल षष्ठी के रूप में संतान के कल्याण के लिए भी मनाया जाता है। वे आदर्श पुत्र और आदर्श भ्राता थे। विश्व में तीन भाइयों राम लक्ष्मण, श्रीकृष्ण बलराम और विक्रमादित्य एवं भर्तृहरि की जोड़ी आदर्श हैं। ये हमारी सनातन संस्कृति की गौरव पताका और हमारे आदर्श हैं। बलराम जयंती के अवसर पर हम उन्हें स्मरण करें और उनके आदर्शों को जीवन में उतारें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को मंडला में बलराम जयंती समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के 82 लाख से अधिक किसानों के खातों में किसान सम्मान निधि की 1671 करोड़ रुपए की राशि का उनके खातों में सीधा अंतरण किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में 226.12 करोड़ रूपये की लागत के 24 निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी किया। मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमुदाय से पूरे उत्साह के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाने और राजा शंकर शाह, रघुनाथ शाह, रानी दुर्गावती, तात्या टोपे, टंट्या मामा जैसे महान क्रांतिकारी और देशभक्तों को स्मरण करने का आह्वान किया। साथ ही प्रदेश के विकास का संकल्प दिलाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहां से हमारे किसान और जवान दोनों धन है। एक तरफ अन्नदाता किसान जी-जान लगाकर खेती करता है और हम सब का पेट भरता है। वही हमारे जवान सीमा पर जान जोखिम में डालकर निरंतर हमारी सुरक्षा करते हैं। जब-जब देश के दुश्मनों ने हम पर आंख उठाई, हमारे जवानों ने मुंह तोड़ जवाब दिया है। ऑपरेशन सिंदूर इस बात का जीता जागता उदाहरण है। जब पहलगांव में आतंकवादियों ने हमारी बहनों का सिंदूर उजाड़ने का कुत्सित प्रयास किया तब हमारे जवानों ने पाकिस्तान के सभी आतंकवादी ठिकानों का सफाया कर दिया।

Tags:

Follow us

This question is not available..!