Monday, 28 Sep 2026

भारत में जल्द दौड़ेगी पहली हाइड्रोजन ट्रेन!

नईदिल्ली (19 अक्टूबर 25)। दीपावली के उत्साह के ठीक बाद देश को एक ऐतिहासिक उपहार मिलने वाला है। भारतीय रेलवे ने देश की पहली हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन को तैयार कर लिया है, जो प्रदूषण मुक्त और पर्यावरण अनुकूल होगी। इस ट्रेन को चलाने के लिए हाइड्रोजन गैस का उपयोग किया जाएगा, जिससे न तो बिजली की जरूरत पड़ेगी और न ही किसी अन्य ईंधन की। ट्रेन के शुभारंभ के साथ भारत दुनिया का पांचवां देश बन जाएगा, जहां हाइड्रोजन ट्रेनें संचालित होंगी। यह कदम भारतीय रेलवे के 'नमो ग्रीन रेल' अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

यह हाइड्रोजन ट्रेन सोनीपत-गोहाना-जींद रूट पर चलेगी, जिसकी कुल लंबाई लगभग 89 किलोमीटर है। ट्रेन की अधिकतम गति 110 से 140 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। इसमें 8 कोच लगे हैं, जो एक बार में 2,638 यात्रियों को ले जाने में सक्षम है। पूरी ट्रेन, उसके डिब्बों समेत, दिल्ली के शकूर बस्ती यार्ड में खड़ी है। इंजन और बोगियां लखनऊ में निर्मित हो चुकी हैं और दिल्ली पहुंच चुकी हैं। इस परियोजना पर लगभग 120 करोड़ रुपये का खर्च अनुमानित है।  अनुसंधान डिजाइन एवं मानक संगठन ने जींद स्थित हाइड्रोजन प्लांट में परीक्षण पूरा कर लिया है। इसके बाद रेलवे की एक अन्य शाखा अंतिम जांच करेगी, जिसमें लगभग 10 दिन लगेंगे। यदि कोई बाधा न आई, तो यह ट्रेन इस महीने के अंत तक पटरी पर दौड़ने लगेगी। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पहले ही अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर इस ट्रेन की विशेषताओं का वर्णन करते हुए एक वीडियो साझा किया था।

हरियाणा के जींद में 1 मेगावाट पॉलिमर इलेक्ट्रोलाइट मेम्ब्रेन इलेक्ट्रोलाइजर के माध्यम से हाइड्रोजन की आपूर्ति की जाएगी। ग्रीनएच इलेक्ट्रोलिसिस के अनुसार, यह इलेक्ट्रोलाइजर निरंतर आधार पर काम करेगा और प्रतिदिन लगभग 430 किलोग्राम हाइड्रोजन का उत्पादन करेगा। प्लांट के ईंधन भरने के बुनियादी ढांचे में 3,000 किलोग्राम हाइड्रोजन भंडारण क्षमता, हाइड्रोजन कंप्रेसर, प्री-कूलर एकीकरण के साथ दो हाइड्रोजन डिस्पेंसर शामिल हैं। फिलहाल प्लांट में उत्पादन शुरू हो चुका है और परीक्षण चल रहा है।


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