Wednesday, 30 Sep 2026

भारत में 23.4 करोड़ लोग गरीबी में जी रहे: संयुक्त राष्ट्र

न्यूयार्क (19 अक्टूबर 24)। भारत दुनिया के उन पांच देशों में है जहां सबसे अधिक संख्या में लोग घोर गरीबी में जीवनयापन कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र की नवीनतम रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया में करीब 1.1 अरब लोग घोर गरीबी में जिंदगी बसर कर रहे हैं और इनमें से भी आधे नाबालिग हैं। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) एवं ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय की ऑक्सफोर्ड गरीबी एवं मानव विकास पहल (ओपीएचआई) द्वारा बृहस्पतिवार को बहु आयामी गरीबी सूचकांक (एमपीआई) जारी की गयी। इसमें कहा गया है कि दुनिया में 1.1 अरब लोग घोर गरीबी में जी रहे हैं, जिनमें से 40 प्रतिशत लोग युद्ध, नाजुक स्थिति और/या कम शांति वाले देशों में रह रहे हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 23.4 करोड़ लोग घोर गरीबी में जीवन यापन कर रहे हैं जिसे मध्यम मानव विकास सूचकांक में रखा गया है। भारत उन पांच देशों में है जहां पर घोर गरीबी में जीवनयापन करने वालों की संख्या सबसे अधिक है। रिपोर्ट के मुताबिक भारत के अलावा अन्य चार देश पाकिस्तान (9.3 करोड़), इथियोपिया (8.6 करोड़), नाइजीरिया (7.4 करोड़) और कांगो (6.6 करोड़) हैं जिन्हे निम्न मानव विकास सूचकांक में रखा गया है। रिपोर्ट में कहा गया कि दुनिया में घोर गरीबी में जीवन यापन करने वाले 1.1 अरब लोगों में करीब आधे (48.1 प्रतिशत) इन पांच देशों में निवास करते हैं। इसमें कहा गया कि दुनिया में 45.5 करोड़ गरीब लोग ऐसे देशों में रहते हैं जो हिंसक संघर्षों से ग्रस्त हैं, जिससे गरीबी कम करने की दिशा में कड़ी मेहनत से की गई प्रगति में बाधा उत्पन्न हो रही है, यहां तक ​​कि इससे प्रगति पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

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