Monday, 28 Sep 2026

भारत रत्न वैज्ञानिक राव को मिला SIR नोटिस

बेंगलुरु (10 सितंबर 26)। देश के महान वैज्ञानिकों में शुमार और भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से सम्मानित 92 वर्षीय प्रोफ़ेसर सी.एन.आर. राव को बेंगलुरु में मतदाता सूची के वेरिफिकेशन के लिए सुनवाई में शामिल होने का नोटिस मिला है। इस पूरे मामले की वजह कोई बड़ा फ्रॉड या फर्जीवाड़ा नहीं, बल्कि सरकारी डेटाबेस में हुई टाइपिंग की एक छोटी सी गलती है।  

यह नोटिस कर्नाटक में वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' के दौरान उनके नाम की स्पेलिंग में अंतर के कारण भेजा गया है। प्रोफेसर राव को भेजे गए नोटिस में कारण के तौर पर 'नाम में अंतर' बताया गया है। खबरों के मुताबिक, पुरानी वोटर लिस्ट में उनका नाम 'Prof CNR Rao' लिखा था, जबकि मौजूदा वोटर लिस्ट में उनके प्रोफेशनल टाइटल में एक अतिरिक्त 'f' जुड़ गया है, जिससे यह 'Proff CNR Rao' हो गया है। इस अंतर के कारण, वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन प्रोसेस के तहत इस वरिष्ठ वैज्ञानिक से अपनी पहचान साबित करने के लिए कहा गया है। SIR प्रक्रिया के तहत, 'नाम में अंतर' का मतलब उस अंतर से है जो तब होता है जब कोई वोटर SIR एन्यूमरेशन फॉर्म भरते समय 2002 की वोटर लिस्ट की जानकारी का इस्तेमाल करता है, लेकिन वह जानकारी मौजूदा वोटर लिस्ट की जानकारी से मेल नहीं खाती। खबरों के अनुसार, प्रोफेसर राव से इस अंतर को स्पष्ट करने और अपनी पहचान साबित करने के लिए इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस के पास मल्लेश्वरम में एक सुनवाई में शामिल होने के लिए कहा गया है। इस घटना ने सबका ध्यान खींचा है क्योंकि राव भारत के सबसे मशहूर वैज्ञानिकों में से एक हैं और उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से सम्मानित किया गया है। यह नोटिस SIR प्रक्रिया के तहत किए जा रहे वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन प्रोसेस का हिस्सा है, जिसमें पूरे राज्य में वोटर की जानकारी की जांच और उसे अपडेट करना शामिल है।

गौरतलब है कि C.N.R. राव भारत के सबसे प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों में से एक हैं और दुनिया भर में पहचाने जाने वाले सॉलिड-स्टेट और मैटेरियल्स केमिस्ट हैं। 1934 में बेंगलुरु में जन्मे राव ने केमिस्ट्री, खासकर सॉलिड-स्टेट मैटेरियल्स, नैनोमैटेरियल्स और स्ट्रक्चरल केमिस्ट्री के क्षेत्र में अहम योगदान दिया है। उन्होंने 1976 में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस में सॉलिड स्टेट एंड स्ट्रक्चरल केमिस्ट्री यूनिट की स्थापना की और 1984 से 1994 तक IISc के डायरेक्टर रहे। राव ने 1,600 से ज़्यादा रिसर्च पेपर लिखे हैं और उन्हें कई अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिले हैं। उन्हें विज्ञान के क्षेत्र में उनके बेहतरीन योगदान के लिए 2013 में भारत के सबसे बड़े नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से सम्मानित किया गया था। कर्नाटक के मुख्य चुनाव अधिकारी ने मंगलवार को साफ़ किया कि वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' के दौरान पद्म श्री से सम्मानित हरेकला हजब्बा को जो नोटिस भेजा गया था, वह वोटर रिकॉर्ड में उनके नाम में अंतर (मिसमैच) से जुड़ा था। उन्होंने कहा कि अब यह मामला सुलझा लिया गया है।

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