नईदिल्ली (29 जुलाई 25)। भारत और रूस के बीच मजबूत रिश्तों से अमेरिका और NATO देश परेशान हैं। यूक्रेन युद्ध में उलझे पश्चिमी देश चाहते हैं कि भारत रूस से दूरी बनाए, लेकिन भारत ने साफ कर दिया है कि उसकी नीति राष्ट्रीय हित के मुताबिक ही चलेगी। हाल ही में एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि एक भारतीय कंपनी ने दिसंबर में रूस को करीब 14 लाख डॉलर का HMX या Octogen विस्फोटक कंपाउंड भेजा, जिसका इस्तेमाल सैन्य कामों में हो सकता है। यूक्रेन की खुफिया एजेंसी का कहना है कि यह सामान रूस की Promsintez कंपनी को दिया गया, जिस पर यूक्रेनी सेना पहले ड्रोन हमला भी कर चुकी है।
इस रिपोर्ट के बाद अमेरिका के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने फॉक्स न्यूज से कहा-'भारत हमारा रणनीतिक साझेदार है लेकिन हमने साफ कर दिया है कि कोई भी विदेशी कंपनी या बैंक अगर रूसी रक्षा उद्योग के साथ कारोबार करेगा तो उस पर अमेरिकी प्रतिबंध लग सकते हैं।' इतना ही नहीं, अमेरिका में ट्रंप के करीबी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने एक बिल पेश किया है, जिसमें रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ लगाने की धमकी दी गई है। ट्रंप पहले ही कह चुके हैं कि अगर पुतिन ने सितंबर तक यूक्रेन युद्ध खत्म नहीं किया तो रूस से तेल लेने वाले देशों को इसकी कीमत चुकानी होगी। इसका सीधा असर भारत और चीन पर पड़ सकता है। नाटो और अमेरिका की इस धमकी पर भारत ने साफ कह दिया है कि रूस से दोस्ती खत्म नहीं होगी। लंदन में भारतीय उच्चायुक्त विक्रम दोराईस्वामी ने कहा- 'कोई भी देश भारत की अर्थव्यवस्था को स्विच ऑफ नहीं कर सकता। जो देश हम पर उंगली उठा रहे हैं, वही रूस से Rare Earth और दूसरी चीजें खरीद रहे हैं।' भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल खरीदने वाला देश है और सोवियत काल से रूस से हथियार लेता आ रहा है। इस साल रूसी राष्ट्रपति पुतिन के भारत दौरे की भी तैयारी है, जहां कई अहम समझौते होने की उम्मीद है।