नईदिल्ली (14 दिसंबर 24)। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा सरकार पर तीखा प्रहार किया और कटाक्ष करते हुए कहा कि शायद प्रधानमंत्री यह समझ नहीं पाए हैं कि संविधान ‘संघ का विधान' नहीं है। साथ ही, उन्होंने कहा कि भारत लंबे समय तक ‘कायरों के हाथ में कभी नहीं रहा और यह देश उठेगा और लड़ेगा।' प्रियंका गांधी ने लोकसभा में ‘भारत के संविधान की 75 वर्षों की गौरवशाली यात्रा' पर चर्चा में भाग लेते हुए सरकार पर भय फैलाने का आरोप लगाया और दावा किया कि यदि लोकसभा चुनाव के नतीजे इस तरह के नहीं होते तो यह सरकार संविधान बदलने का काम करती। वायनाड से लोकसभा सदस्य निर्वाचित होने के बाद सदन में उनका यह पहला भाषण था। उन्होंने कहा, ‘संविधान में सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय का वादा है। यह वादा एक सुरक्षा कवच है, जिसे तोड़ने का काम शुरू हो चुका है।' प्रियंका ने दावा किया, ‘यह सरकार ‘लेटरल एंट्री' और निजीकरण के जरिए आरक्षण को कमजोर करने का काम कर रही है। अगर लोकसभा चुनाव में ये नतीजे नहीं आए होते तो यह संविधान बदलने का काम करती।' कांग्रेस नेता ने कहा, ‘आज सत्तापक्ष बार-बार संविधान इसलिए कह रहा है, क्योंकि इस चुनाव में हारते-हारते जीतने के बाद उन्हें पता चल गया कि देश की जनता ही संविधान को सुरक्षित रखेगी और संविधान बदलने की बात इस देश में नहीं चलेगी।'