रियाद (14 जनवरी 25)। भारत और सऊदी अरब के बीच हज-2025 के लिए एक अहम समझौता हुआ है, जिसमें भारत का हज कोटा 1 लाख 75 हजार 25 निर्धारित किया गया है। यह समझौता सोमवार को सऊदी अरब के जेद्दा में भारतीय अल्पसंख्यक और संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू और सऊदी हज और उमराह मंत्री डॉ. तौफीक बिन फवजान अल-रबिया के बीच हुआ। यह कदम भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए हज यात्रा को सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
भारत से हज यात्रा पर बड़ी संख्या में लोग हर साल जाते हैं। हज एक धार्मिक यात्रा है, जिसे इस्लाम धर्म के अनुयायी जीवन में एक बार मक्का-मदीना जाने के रूप में मानते हैं। हज यात्रा में भारत का बहुत बड़ा हिस्सा है, और हर साल लाखों भारतीय मुस्लिमों की ख्वाहिश होती है कि वे इस पवित्र यात्रा का हिस्सा बनें। इसी को ध्यान में रखते हुए सऊदी अरब और भारत सरकार ने यह द्विपक्षीय समझौता किया है, ताकि भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध हो सकें।
सऊदी अरब ने 2025 के लिए भारत का हज कोटा 1 लाख 75 हजार 25 निर्धारित किया है। हालांकि, भारत सरकार ने इस साल के लिए कोटे में 10,000 अतिरिक्त बढ़ोतरी की मांग की थी, लेकिन सऊदी अरब ने वर्तमान कोटा के स्तर पर ही सहमति जताई है, जो पिछले साल के कोटे के समान है। इससे भारतीय तीर्थयात्रियों को हज यात्रा पर जाने का अवसर मिलेगा। यह निर्णय सऊदी अरब के हज मंत्रालय और भारतीय सरकार के बीच पिछले कुछ महीनों से चल रही चर्चा का परिणाम है।