ओटावा (10 जुलाई 24)। कनाडा लागातार भारत से भागे हुए खालिस्तानी आतंकवादियों को पनाह दे रहा है। इसको लेकर भारत सरकार ने चिंता भी जाहिर की है। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन की मेजबानी में आयोजित हो रहे नाटो शिखर सम्मेलन की पूर्व संध्या पर सोमवार को एक प्रमुख अमेरिकी मीडिया संगठन ने कहा कि कनाडा 32 सदस्यीय इस सैन्य गठबंधन में सबसे कम योगदान देने वाले देशों में से एक बन गया है। प्रमुख अमेरिकी मीडिया संगठन ‘पॉलिटिको' ने कहा, ‘पिछले कई वर्षों में ओटावा 32 सदस्यीय गठबंधन में सबसे कम योगदान देने वाले देशों में से एक बन गया है। वह घरेलू सैन्य खर्च के लक्ष्यों को पूरा करने में नाकाम रहा है, नए उपकरण खरीदने के लिए वित्त पोषण देने में नाकाम रहा है और उसके पास इस संबंध में कोई योजना भी नहीं है।' कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रुडो इस साल के उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए वाशिंगटन पहुंच गए हैं, जिसकी औपचारिक शुरुआत मंगलवार को हुई। ट्रुडो के कार्यालय ने बताया कि यहां बैठकों के दौरान वह पूरे यूरोप में नाटो के सामूहिक रक्षा प्रयासों में कनाडा के योगदानों पर प्रकाश डालेंगे।