Thursday, 01 Oct 2026

भारत-EU ट्रेड डील- 'मदर ऑफ ऑल डील': मोदी

नईदिल्ली (28 जनवरी 26)। भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement - FTA) की चर्चा इस समय पूरी दुनिया में हो रही है। दोनों पक्षों ने इस ऐतिहासिक समझौते को 'मदर ऑफ ऑल डील' बताया है। माना जा रहा है कि यह डील अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त टैरिफ नीति की बुनियाद को भी हिला सकती है। वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, इस समझौते के लागू होने के बाद भारत से यूरोपीय यूनियन को होने वाले निर्यात में करीब 6.4 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी होने की संभावना है। इससे भारत की अर्थव्यवस्था, रोजगार और उद्योगों को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।

फिलहाल भारत में यूरोपीय संघ की करीब 6,000 कंपनियां काम कर रही हैं। भारत में आने वाले कुल विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) में यूरोपीय संघ का योगदान 16.5 फीसदी से ज्यादा है। अप्रैल 2000 से मार्च 2024 तक यूरोपीय यूनियन से भारत में करीब 40.04 अरब अमेरिकी डॉलर का एफडीआई आ चुका है। इस नए FTA के बाद यूरोपीय निवेश में और तेजी आने की संभावना जताई जा रही है। इस समझौते के तहत 9,425 उत्पादों से टैरिफ हटाने और रेगुलेटरी एक्सेस को बेहतर बनाने पर सहमति बनी है। इससे कृषि उत्पाद, कपड़ा, चमड़ा, आभूषण और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को यूरोपीय बाजार में आसानी से पहुंच मिलेगी। इस डील का असर देश के कई राज्यों में अलग-अलग सेक्टरों पर देखने को मिलेगा। 

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