धार (03 दिसंबर 25)। धार की भोजशाला में मंगलवार को एक बार फिर तनाव का माहौल बन गया। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की टीम ने गर्भगृह में रखा नया तेल जब्त कर लिया, जिसके बाद हिंदू समाज के लोगों ने मां वाग्देवी की संध्या आरती बिना किसी चित्र के की। समुदाय का कहना है कि वे प्रतिदिन शांतिपूर्वक पूजा-अर्चना करने पहुंचते हैं, लेकिन एएसआई की इस कार्रवाई से श्रद्धालुओं में नाराजगी बढ़ी है।
भोज उत्सव समिति के संरक्षक हेमंत दौराया ने बताया कि समुदाय के लोग निर्धारित नियमों के अनुसार पूजा के लिए पहुंचे थे, लेकिन एएसआई ने पूजा में उपयोग होने वाला चित्र अपने कब्जे में ले लिया। इसके विरोध में मंगलवार को बिना चित्र के प्रतीकात्मक सत्याग्रह किया गया। दौराया ने कहा कि जब तक जब्त किया गया चित्र वापस नहीं मिलता, तब तक पूजा और आरती इसी तरह बिना चित्र के की जाएगी। समुदाय के प्रतिनिधियों ने भोजशाला को पूरी तरह 'मुक्त' करने की मांग भी दोहराई है। दौराया ने बताया कि व्यस्तताओं के कारण दैनिक सत्याग्रह में भीड़ कम रहती है, जिसका असर बसंत पंचमी की तैयारियों पर पड़ सकता है। इसके बावजूद, समाज के नेताओं ने स्पष्ट किया कि आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से ही जारी रहेगा और उनकी प्राथमिक मांग चित्र की वापसी है।