भोपाल (25 फरवरी 25)। मध्यप्रदेश का हर शहर अपने आप में एक आर्थिक केंद्र है। इंदौर में फार्मास्यूटिकल्स, टेक्सटाइल और ऑटो-कंपोनेंट के क्लस्टर हैं। प्रदेश में एक विविध औद्योगिक परिदृश्य है जो एमएसएमई के लिए नए अवसर देता है। राज्य में सूती वस्त्र, कृत्रिम कपड़े, चीनी मिलें, वनस्पति तेल, सोयाबीन तेल, सीमेंट, भारी विद्युत उपकरण, कागज और फर्नीचर जैसे उद्योग स्थापित हैं। इसके अलावा 15 से ज्यादा औद्योगिक क्लस्टर हैं। प्रत्येक क्लस्टर की अपनी विशेषज्ञता है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में भारतीय उद्योग परिसंघ मध्य प्रदेश ने एमएसएमई के विकास के लिए नए अवसरों की पहचान के लिए विशेषज्ञों की विशेष मीटिंग बुलाई है।
सुधीर मुतालिक, सदस्य-सीआईआई राष्ट्रीय परिषद ने कहा की मध्यप्रदेश के तेज गति से आर्थिक विकास करने के लिए एमएसएमई के सभी सेक्टरों को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए सभी स्तरों पर निवेश की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश से जुड़े कई राज्यों ने पारंपरिक कारणों से एमएसएमई के क्षेत्र में आगे बढ़कर काम किया है। मध्यप्रदेश में इसकी असीम संभावना है। अब इस सेक्टर को और अधिक आगे बढ़ाने के लिए नई नीति भी आ गई है। उन्होंने विशेषज्ञों से आग्रह किया कि वे अनुभव से मध्यप्रदेश में एमएसएमई विकास को बढ़ावा देने के लिए नीतियों और रणनीतियों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। विस्तृत चर्चा में सुश्री प्रियंका दास, सचिव, एमएसएमई विभाग, मध्यप्रदेश, कुलीन लालभाई, अध्यक्ष, सीआईआई राष्ट्रीय वस्त्र एवं परिधान समिति, डॉ. के नंदकुमार, सदस्य, सीआईआई राष्ट्रीय परिषद अध्यक्ष, नीति एवं व्यापार सुगमता पर कोर समूह, सीआईआई राष्ट्रीय एमएसएमई परिषद और आशीष वैश्य, अध्यक्ष, सीआईआई मध्य प्रदेश और अन्य सभी प्रतिभागी शामिल रहे।